जयपुर: भामाशाह योजना में भुगतान को लेकर अस्‍पताल संचालक खफा, मुश्किल में मरीज

गरीब तबके के लोगों को बेहतर व निजी अस्‍पतालों में इलाज कराने की सुविधा के मकसद से तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री वसुंधरा राजे सरकार ने भामाशाह कार्ड योजना शुरू की थी.

जयपुर: भामाशाह योजना में भुगतान को लेकर अस्‍पताल संचालक खफा, मुश्किल में मरीज
अस्‍पतालों को भामाशाह योजना के तहत रोगियों के किए गए इलाज का बकाया भुगतान नहीं मिल पा रहा है.

अशोक सिंह/सीकर: गरीबों को निशुल्‍क इलाज कराने के मकसद से शुरू की गई भामाशाह योजना से जुडे निजी अस्‍पतालों का बकाया भुगतान नहीं होने से रोगियों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. सीकर के निजी अस्‍पताल संचालकों ने एक दिसम्‍बर से भामाशाह योजना के तहत रोगियों का इलाज बंद कर दिया है. वे बकाया भुगतान नहीं होने तक इलाज नहीं करने का एलान कर चुके हैं.

गरीब तबके के लोगों को बेहतर व निजी अस्‍पतालों में इलाज कराने की सुविधा के मकसद से तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री वसुंधरा राजे सरकार ने भामाशाह कार्ड योजना शुरू की थी. इसके तहत इंश्‍योरेंस कंपनी की ओर से निजी अस्‍पतालों का भुगतान किया जाता था, लेकिन पिछले कई महीनों से सीकर के निजी अस्‍पतालों को भामाशाह योजना के तहत रोगियों के किए गए इलाज का बकाया भुगतान नहीं मिल पा रहा है. 

इसी के कारण सीकर जिले के भामाशाह योजना से जुडे 84 निजी अस्‍पताल संचालकों ने इस योजना से किनारा करते हुए रोगियों के इलाज के भुगतान की मांग कर रहे हैं. निजी अस्‍पताल संचालक एसोसिएशन के अध्‍यक्ष डा बी एल रणवा ने बताया कि कई महीनो से न्‍यू इंडिया इंश्‍योरेंस कंपनी की ओर से बकाया भुगतान नहीं होने से निजी अस्‍पताल संचालकों के सामने परेशानी आने लग गई है. इसके लिए मेडिकल और जिला प्रशासन को अवगत कराया गया था और मांग की थी कि तीन महीने का भुगतान नहीं किया गया इसके चलते एक दिसम्‍बर से वे भामाशाह योजना के तहत रो‍गियों का इलाज नहीं करेंगे. प्रशासन की ओर से इस बारे में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसके चलते थककर निजी अस्‍पताल संचालकों को इस योजना के तहत रोगियों का इलाज बंद करना पड़ा.

वहीं, इस मामले पर डा रणवा ने बताया कि अकेले सीकर जिले के सात करोड़ रूपए बकाया है और पूरे राजस्‍थान में सौ करोड़ से अधिक है. भामाशाह कार्ड धारक रोगियों को अब निजी अस्‍पताल में कोई ठोर ठिकाना नहीं मिलने से वे सरकारी अस्पतालों के इलाज के लिए चक्‍कर काट रहे है. वहीं, इस मसले पर मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी डा अज चौधरी ने बताया कि निजी अस्‍पताल संचालकों के बकाया भुगतान के चलते इलाज बंद किया गया है. 

लेकिन सीकर सहित पूरे जिले व राज्‍य में सरकारी अस्‍पतालों में रोगियों का इलाज के सुविधा है. सीकर के श्री कल्‍याण राजकीय अस्‍पताल में बेहतरीन व हर तरह की स्‍पेशीलीटी के चिकित्‍सक मौजूद है. रोगियों का वहां इलाज किया जा रहा है. उन्‍होने बताया कि निजी अस्‍पताल संचालकों के इस योजना के इलाज नहीं करने और बकाया भुगतान के बारे में राज्‍य सरकार व उच्‍च अधिकारियों को अवगत कराया गया है जल्‍द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा.

फिलहाल भामाशाह कार्ड धारकों को निजी अस्‍पतालों में इलाज नहीं मिल पा रहा है. अब चूंकि निजी अस्‍पताल अपने भुगतान की मांग कर रहे है वहीं इंशयोरेंस कंपनी अभी तक भुगतान नहीं कर पा रही है. ऐसे में अब सारा मसला राज्‍य सरकार के फैसले पर टिका हुआ है. अब देखना है कि सरकार कब फैसला लेकर वापस यह सुविधा बहाल कराती है.