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जयपुर: आयकर विभाग ने कारोबारियों पर कसा शिकंजा, संपत्ति की जानकारी के लिए भेजा नोटिस

वित्त वर्ष 2019-20 का राजस्थान से आयकर लक्ष्य 25,895 करोड़ रुपए हैं. आयकर विभाग अब अपने वसूली लक्ष्य को पाने के लिए तीन स्तरीय प्लान बना रहा है.

जयपुर: आयकर विभाग ने कारोबारियों पर कसा शिकंजा, संपत्ति की जानकारी के लिए भेजा नोटिस
आयकर विभाग ऐसे बड़े लेनदेन का विवरण पहले ही मांग चुका है

जयपुर: आयकर विभाग बड़े कारोबारियों और आयकर रिटर्न जमा करवाने वालों मालदारों की पूरी जानकारी जुटा रहा है. इसके लिए व्यक्तिगत आईटीआर जमा करवाने की समय सीमा खत्म हुए बिना ही नोटिस भेजने शुरू कर दिए है. विभाग संबंधित व्यक्तियों और उनके परिवार के सदस्यों की आय की जानकारी जुटा रहा है. इसके लिए संबंधित विंग नोटिस भेज रही है. प्रदेश में सैंकड़ों लोगों को ऐसे नोटिस जारी करने की तैयारी है.

बता दें कि चालु वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही पूरी होने पर है, लेकिन आयकर विभाग अपने तय लक्ष्य से तीस फीसदी ही आयकर जुटा पाया है. वित्त वर्ष 2019-20 का राजस्थान से आयकर लक्ष्य 25,895 करोड़ रुपए हैं. आयकर विभाग अब अपने वसूली लक्ष्य को पाने के लिए तीन स्तरीय प्लान बना रहा है.

आयकर विभाग में इसके लिए छापेमारी तेज करने के साथ ही बकाया वसूली पर भी फोकस किया जा रहा है. इन नियमित कार्यों के अतिरिक्त विभाग प्रदेश के बड़े कारोबारियों, मालदारों और आयकरदाताओं की आय की जानकारी जुटा रहा है. विभाग केवल आयकरदाता की ही नहीं उनके परिवार की भी पूरी आय का आकलन कर रहा है. आयकर विभाग के स्थानीय कार्यालय ऐेसे कारोबारियों और बड़े आयकरदाताओं को नोटिस जारी कर पूरी जानकारी ले रहा है. 

इस सूची में उन आयकरदाताओं के नाम प्रमुखता से शामिल हैं जिनके बैंक खातों में नोटबंदी के बाद बड़ी संख्या में पुराने 500 और 1000 रुपए के नोट जमा हुए थे. आयकर विभाग ऐसे बड़े लेनदेन का विवरण पहले ही मांग चुका है, लेकिन एक बार फिर से विभाग की स्थानीय विंग राजस्व वसूली की संभावनाएं ऐसे लेनदेन में तलाश रही है. विभाग तीसरी तिमाही के होने के साथ ही अग्रिम कर भुगतान और संदिग्ध लेनदेन के आधार 400 बड़े कारोबारी समूहों को भी नोटिस जारी कर जानकारी मांग सकती है.