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जयपुर: किसानों की आय बढ़ाने के लिए ऊर्जा विभाग की पहल, बंजर जमीन से उपजेगा धन

किसानों को बिजली की कटौती के कारण बर्बाद होने वाली फसल से छुटकारा दिलाने के लिए सरकार ने कुसुम योजना शुरू की है. 

जयपुर: किसानों की आय बढ़ाने के लिए ऊर्जा विभाग की पहल, बंजर जमीन से उपजेगा धन
किसान इस योजना की जानकारी डिस्कॉम कार्यालय में मिलेगी.

जयपुर: किसानों की बंजर जमीन अब निराश नहीं करेगी. खेती के लिए यह जमीन भले ही तैयार नहीं हो लेकिन बिजली उत्पादन का केंद्र यह भूमि बनेगी. मकसद एक हैं किसानों की आय में इजाफा. किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान योजना इसमें मददगार साबित होगी. जयपुर, अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम चिन्हित फीडर्स पर किसानों से बिजली खरीदने की तैयारी है. 

किसानों को बिजली की कटौती के कारण बर्बाद होने वाली फसल से छुटकारा दिलाने के लिए सरकार ने कुसुम योजना शुरू की है. इसमें किसान शहरों की तर्ज पर खेत में सोलर प्लांट और सौर ऊर्जा उपकरण लगाने के साथ ही अतिरिक्त बिजली उत्पादन कर बेच भी सकेंगे. इसमें 7.5 एचपी लोड तक के किसान ही शामिल हो पाएंगे. योजना की सबसे बड़ी बात यह है कि प्लांट की कुल लागत में से 30 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार, 30 प्रतिशत राज्य सरकार देगी. 

इसके साथ कृषि उपभोक्ताओं को लोन के रूप में 30 प्रतिशत रकम नाबार्ड फाइनेंस करेगा. किसानों को केवल 10 प्रतिशत राशि ही देनी होगी. अतिरिक्त बिजली उत्पादन होने पर किसान बची हुई बिजली को बेच कर आर्थिक लाभ भी कमा सकेंगे. वर्तमान में 3.5 किलोवाट प्लांट की रेट 10 प्रतिशत सब्सिडी के बाद भी 2.50 लाख रुपए के करीब पड़ती है. 

किसान इस योजना की जानकारी डिस्कॉम कार्यालय में मिलेगी. तीनों डिस्कॉम बड़े स्तर पर इस योजना को लागू करने की तैयारी में है. किसानों को नजदीकी डिस्कॉम कार्यालय में एईएन से संपर्क करना होगा. ऊर्जा मंत्री डॉ बीडी कल्ला का कहना है कि हमारा मकसद किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध करवाना है. इसके लिए इस योजना को प्रमुखता से लागू करने की तैयारी है. साथ ही किसान सौलर पंप के जरिए दिन में सिंचाई करें इसके प्रयास भी किए जा रहै है.

आवेदन के समय आधार कार्ड और बैंक खाता होना जरूरी है. आवेदन के बाद सरकार किसान के बैंक खाते में सब्सिडी की रकम देगी. किसान, डिस्कॉम और बैंक के साथ थर्ड पार्टी एग्रीमेंट होगा. बिजली बेचने से हुई कमाई को दो हिस्सों में बांटा जाएगा. पहला उपभोक्ता का और दूसरा लोन किश्त का. इस पहल से दूर दराज के क्षेत्र में रहने वाले किसानों बिजली पहुंचाने का लक्ष्य है. वहीं बंजर जमीन से भी आय हो सकेगी.