Rajasthan bypolls: विधानसभा उपचुनाव से पहले BJP का सियासी दांव, RLP पर कसा 'टीम तंज'

प्रदेश में विधानसभा की तीन सीटों पर हो रहे उपचुनाव में प्रत्याशी चुनाव प्रचार कर रहे हैं. तीस मार्च को नामांकन दाखिल करने के आखिरी दिन बड़े नेताओं के दौरे भी हो चुके हैं. 

Rajasthan bypolls: विधानसभा उपचुनाव से पहले BJP का सियासी दांव, RLP पर कसा 'टीम तंज'
प्रतीकात्मक तस्वीर.

Jaipur: प्रदेश में विधानसभा की तीन सीटों पर उपचुनाव चल रहे हैं लेकिन इस चुनाव में एक नई चर्चा शुरू हो गई है. चर्चा यह है कि क्या उपचुनाव में एक ही पार्टी की दो टीम चुनाव मैदान में हैं? क्या जो लोग कल तक अपने थे, वही आज बीजेपी के लिए पराये हो गए हैं? और क्या इन सीटों पर आमने-सामने का मुकाबला है या त्रिकोणीय? 

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दरअसल, यह सभी सवाल इसलिए खड़े हो रहे हैं क्योंकि राष्ट्रीय लोकतान्त्रिक पार्टी (Rashtriya Loktantrik Party) ने भी तीनों सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं और इसके बाद बीजेपी (BJP) ने आरएलपी को 'कांग्रेस की बी-टीम' बताते हुए आरएलपी पर सवाल उठा दिये हैं. 

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प्रदेश में विधानसभा की तीन सीटों पर हो रहे उपचुनाव में प्रत्याशी चुनाव प्रचार कर रहे हैं. तीस मार्च को नामांकन दाखिल करने के आखिरी दिन बड़े नेताओं के दौरे भी हो चुके हैं. उसके बाद वरिष्ठ नेताओं के दौरों के कार्यक्रम तैयार हो रहे हैं लेकिन इस बीच राष्ट्रीय लोकतान्त्रिक पार्टी की मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी हुई है. आरएलपी ने जातीय समीकरण देखते हुए अपने प्रत्याशी उतारे और अपनी मौजूदगी से मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश कर रही है. इन सबके बीची आरएलपी के प्रत्याशियों के चयन और उसकी गम्भीरता पर बीजेपी ने सवाल उठा दिये हैं. 

क्या कहना है बीजेपी का
प्रदेश मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा (Ramlal Sharma) ने आरएलपी पर बड़ा बयान देते हुए उसे 'कांग्रेस की बी-टीम' करार दिया है. रामलाल का कहना है कि आरएलपी ने जिस तरह अपने उम्मीदवार खड़े किये हैं, वह दिखाता है कि क्षेत्रीय दल की सोच सिर्फ और सिर्फ बीजेपी को नुकसान पहुंचाने की ही दिख रही है. रामलाल तो यहां तक कहते हैं कि आरएलपी गम्भीर पार्टी नहीं है. लिहाजा उपचुनाव में उसका ज़िक्र करना ही गैरज़रूरी है. 

आरएलपी प्रवक्ता महिपाल महला ने किया पलटवार
इधर आरएलपी को 'कांग्रेस की बी-टीम' बताने पर आरएलपी ने आंख तरेरना शुरू कर दिया है. आरएलपी प्रवक्ता महिपाल महला (Mahipal Mahla) इस बयान को बीजेपी का फ्रस्ट्रेशन बताते हैं. महिपाल कहते हैं कि जब-जब प्रदेश में कोई तीसरी राजनीतिक ताकत उभरी है तब बीजेपी और कांग्रेस एक होकर उसे कमज़ोर करने में जुटी हैं. आरएलपी नेता ने तो कांग्रेस और बीजेपी दोनों को एक बताते हुए कहा कि डूंगरपुर में जिस तरह बीटीपी के खिलाफ़ दोनों एक हुए वह सबके सामने है. इतना ही नहीं, आरएलपी की ताकत बताते हुए पार्टी प्रवक्ता ने बीजेपी प्रवक्ता को उनके विधानसभा चुनाव में आरएलपी के प्रदर्शन की भी याद दिलाई.

क्या कहना है कांग्रेस नेता का
इधर आरएलपी को 'कांग्रेस की बी-टीम' बताने के बयान को निराधार बताते हुए कांग्रेस भी बीजेपी पर सवाल खड़े कर रही है. कांग्रेस नेता आरसी चौधरी कहते हैं कि बीजेपी को यह बात तब याद क्यों नहीं आई जब उन्होंने आरएलपी के साथ नागौर संसदीय सीट के लिए गठबंधन किया? साथ ही कांग्रेस का कहना है कि खींवसर में उप-चुनाव के वक्त भी बीजेपी ने गठबंधन किया तो क्या तब बीजेपी ने 'कांग्रेस की बी-टीम' से गठबंधन किया था?