Phone Tapping के सबूत दे BJP, Congress के सभी विधायक देंगे इस्तीफा: Shanti Dhariwal

भाजपा विधायक दल के उप नेता राजेंद्र राठौड़ ने पूरे प्रकरण की सीबीआई से जांच कराने की मांग की. इस पर कोई निर्णय नहीं हो सका. शांति धारीवाल ने कहा अगर विपक्ष फोन टैपिंग के सबूत दे तो मुख्यमंत्री नहीं कांग्रेस के सभी विधायक इस्तीफा देने को तैयार हैं.

Phone Tapping के सबूत दे BJP, Congress के सभी विधायक देंगे इस्तीफा: Shanti Dhariwal
धारीवाल ने कहा कि प्रदेश में किसी भी जनप्रतिनिधि की फोन टैपिंग से साफ इनकार किया.

Jaipur: राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Legislative Assembly) में लगातार दूसरे दिन बुधवार को फोन टैपिंग (Phone tapping) मामले की गूंज रही. शून्यकाल में फोन टैपिंग पर बहस हुई और संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल (Shanti Dhariwal) ने उसका जवाब दिया. 

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धारीवाल ने जवाब में कहा कि प्रदेश में किसी भी जनप्रतिनिधि की फोन टैपिंग से साफ इनकार किया. इस दौरान उन्होंने गुजरात में 90 हजार फोन टैप करवाने संबंधी समाचार की कटिंग लहराई. कुछ कांग्रेस विधायकों ने भी कागज लहराए. हालांकि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी (CP Joshi) ने दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद हंगामा शांत हुआ. 

भाजपा विधायक दल के उप नेता राजेंद्र राठौड़ ने पूरे प्रकरण की सीबीआई से जांच कराने की मांग की. इस पर कोई निर्णय नहीं हो सका. शांति धारीवाल ने कहा अगर विपक्ष फोन टैपिंग के सबूत दे तो मुख्यमंत्री नहीं कांग्रेस के सभी विधायक इस्तीफा देने को तैयार हैं.

कटारिया और धारीवाल की हुई तीखी तकरार
राजस्थान विधानसभा में आज भी फोन टैपिंग के मामले को लेकर हंगामा हुआ. सदन में आज संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल की नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया से तीखी तकरार हुई. इस पर भाजपा विधायकों ने कड़ी आपत्ति की और हंगामा करते हुए वेल में आ गए. हंगामा बढ़ता देख विधानसभा  अध्यक्ष डॉ. जोशी ने सदन की कार्यवाही को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया. दूसरी बार भी सदन की कार्यवाही आधे घंटे स्थगित कर दी. भाजपा विधायक धरने पर बैठ गए. हंगामे की शुरुआत तब हुई, जब धारीवाल ने गुजरात में फोन टैपिंग का आरोप लगा कागज लहराए. कागज लहराने पर कटारिया और धारीवाल में जमकर बहस हो गई. इससे पहले धारीवाल ने कहा कि इंडियन टेलीग्राफ एक्ट में केंद्र की 9 एजेंसियों और राज्यों में केवल एक एजेंसी पुलिस के पास फोन टैप करने का अधिकार है. प्रदेश में किसी भी जनप्रतिनिधि का फोन टैप नहीं किया गया. एसओजी ने जो तीन एफआआर दर्ज की थी उनमें एफआर लग चुकी है और एसीबी अब भी विधायकों के खरीद फरोख्त मामले की जांच कर रही है. 

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क्या बोले नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया 
नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि सरकारी मुख्य सचेतक डॉ. महेश जोशी ने मुख्यमंत्री के ओएसडी की ओर से जारी ऑडियो टैप के आधार पर एफआईआर दर्ज करवाई. उसमें गजेंद्र सिंह, विश्वेंद्र सिंह और भंवरलाल शर्मा के नाम थे, आप उस ऑडियो टैप का सोर्स बताइए. इससे साफ जाहिर है कि फोन टैप तो हुए हैं. पहले मुकदमा दर्ज करवाया, उसके बाद मुकदमे को ठंडे बस्ते में डाल दिया. हिम्मत है तो खरीद फरोख्त के मुकदमे को अंजाम तक पहुंचाइए. मुख्यमंत्री के ओएसडी के पास वह ऑडियो कहां से आया. उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग की.

संसदीय कार्य मंत्री धारीवाल ने दिया यह जवाब
मामले में सरकार की ओर से वक्तव्य देते हुए संसदीय कार्य मंत्री धारीवाल ने कहा- खबर थी कि कुछ लोग विस्फोटकों और अवैध हथियारों को ला रहे हैं. लॉगर सेक्शन के इंचार्ज विजय कुमार राय को फोन टैप करने की इजाजत दी गई. इसके लिए होम सेक्रेट्री से इजाजत लेकर भरत मालानी और अशोक सिंह के फोन टैप किए गए. इन दोनों के फोन टैप किए तो बात करते-करते राजनीति की सारी बातें आ गई. सरकार में कौन डिप्टी सीएम हैं जो सीएम बनेगा. भाजपा तैयार है कि नहीं? इन सब बातों को देखते हुए चुनी हुई सरकार को गिराने का षडयंत्र करने की लॉगर इंचार्ज ने एफआईआर दर्ज करवाई.

मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को बचाने के लिए उठाया जाता मुद्दा
धारीवाल ने कहा कि इस मामले को उठाने की विपक्ष की मुख्य मंशा केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को बार-बार बचाने के लिए यह मुद्दा उठाया जाता है. उन पर इतना बड़ा आरोप था कि पीएम उन्हें बर्खास्त करते. यदि वे पाक साफ हैं तो वे वॉयस टेस्ट से क्यों बच रहे हैं ? तीन दिन तक लगातार एसओजी के अफसर उनका वॉयस सैंपल लेने के लिए उनके घर और दफ्तर चक्कर काटते रहे. गजेंद्र सिंह पाक साफ हैं तो अब भी वॉयस सैंपल दें दे. सीएम आज भी राजनीति छोड़ने को तैयार हैं अगर आप प्रूफ कर दो कि ऑडियो टैप सीएम निवास पर बने हैं. शांति धारीवाल ने तो यहां तक कहा कि अगर भाजपा सबूत दे दे तो केवल सीएम नहीं कांग्रेस के सभी विधायक इस्तीफा दे देंगे. 

क्या कहना है सतीश पूनिया का
मामले में सतीश पूनिया का कहना है कि सरकार बचाव की मुद्रा में है सरकार के जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं है. बाद में सीपी जोशी ने पीएम के खिलाफ की गई टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटाने की व्यवस्था दी अब जाकर सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हो पाई.
कुल मिलाकर फोन टैपिंग के मामले पर आज भी सदन में हंगामा जारी रहा हालांकि सत्ता पक्ष की ओर से शांति धारीवाल के आक्रामक जवाब के बाद अब विपक्ष इस मामले में काफी हद तक डिफेंड की मुद्रा में है. फोन टैपिंग के मामले में विपक्ष ने सरकार को जिस तरह से घेरने की रणनीति बनाई थी, उसमें वह पूरी तरह से कामयाब नहीं हो पाई.