Jaipur के शहीद स्मारक पर 8 दिन से जारी है 'बेरोजगारों का धरना', दी आंदोलन की चेतावनी

भर्तियों में बाहरी राज्यों का कोटा खत्म करने की मांग हो या फिर सालों से लम्बित भर्तियों को पूरा करने की मांग हो, करीब दो दर्जन मांगों को लेकर प्रदेश के सैंकड़ों बेरोजगार पिछले 8 दिनों से जयपुर में धरने पर डटे हुए हैं. 

Jaipur के शहीद स्मारक पर 8 दिन से जारी है 'बेरोजगारों का धरना', दी आंदोलन की चेतावनी
आमरण अनशन पर बैठे बेरोजगारों के सब्र का बांध टूटता जा रहा है.

Jaipur: करीब दो दर्जन मांगों को लेकर विभिन्न भर्तियों से जुड़े हुए बेरोजगार जयपुर (Jaipur) में पिछले 8 दिनों से धरना दे रहे हैं तो वहीं तीन दौर की वार्ता होने के बाद भी अभी तक 7 दिनों से चला आ रहा आमरण अनशन टूटता हुआ नजर नहीं आ रहा है. कोई सकारात्मक वार्ता नहीं होने के बाद अब धरने पर बैठे बेरोजगारों के सब्र का बांध टूटता जा रहा है.

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भर्तियों में बाहरी राज्यों का कोटा खत्म करने की मांग हो या फिर सालों से लम्बित भर्तियों को पूरा करने की मांग हो, करीब दो दर्जन मांगों को लेकर प्रदेश के सैंकड़ों बेरोजगार पिछले 8 दिनों से जयपुर में धरने पर डटे हुए हैं. दो बार वार्ता का दौर भी चला लेकिन लिखित में आश्वासन मांगने पर हर बार वार्ता विफल ही रही. ऐसे में अब धरने और आमरण अनशन पर बैठे बेरोजगारों के सब्र का बांध टूटता जा रहा है.

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मुख्य बिंदु

  • दो दर्जन मांगों को लेकर 8वें दिन भी बेरोजगारों का धरना
  • तो वहीं मांगों को लेकर 21 महिला-पुरुष बैठे हैं आमरण अनशन पर
  • अब तक 12 लोगों को तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में करवाया जा चुका भर्ती
  • तो वहीं दो दौर की वार्ता के बाद भी नहीं बन पाई है सहमति
  • इस बार लिखित आश्वासन पर अड़े धरने पर बैठे बेरोजगार

क्या कहना है आमरण अनशन पर बैठी महिलाओं का 
धरना स्थल पर पिछले 8 दिनों से धरने पर डटी महिला अभ्यर्थियों साथ ही आमरण अनशन पर बैठी महिलाओं का कहना है कि "8 दिनों से अपने बच्चों को लेकर रात की सर्दी तो वहीं दिन की कड़कड़ाती धूप के अंदर बैठे हैं लेकिन इसके बाद भी सरकार बेरोजगारों की मांग की ओर ध्यान नहीं दे रही है. अपनी मांगों को लेकर पिछले 8 सालों से संघर्ष कर रहे हैं. कई बार धरने दिए लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला है. ऐसे में अब जब तक लिखित में आश्वासन नहीं मिलता है, जब तक आंदोलन और आमरण अनशन जारी रहेगा."

क्या कहना है राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ अध्यक्ष का
वहीं दूसरी ओर धरने का नेतृत्व कर रहे राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ अध्यक्ष उपेन यादव का कहना है कि "दो बार वार्ता का दौर चला लेकिन लिखित में कुछ नहीं दिया गया. इसके बाद धरना जारी रखने की घोषणा की गई है और अगर जल्द ही लिखित में आश्वासन नहीं मिलता है तो आने वाले दिनों में प्रदेशभर से बेरोजगार जयपुर में एकत्रित होंगे और सड़कों पर उतरेंगे."