जयपुर: पंचायती राज एलडीसी भर्तियों पर लटक सकती है आचार संहिता की तलवार

इससे पहले मार्च में भी कैलेण्डर तो जारी किया था,लेकिन फिर से उस कैलण्डर को रद्द कर दिया गया था.

जयपुर: पंचायती राज एलडीसी भर्तियों पर लटक सकती है आचार संहिता की तलवार
पहले लोकसभा चुनाव में आचार संहिता के चलते भर्ती की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी.

जयपुर: पंचायतीराज एलडीसी भर्ती अब फिर से आचार सहिता की आड में फंसने वाली है. पंचायतीराज चुनाव के चलते दिसंबर के आखिरी में प्रदेश में आचार संहिता लगने जा रही है. इस वजह से एक बार फिर से अफसरों को भर्ती में देरी का बहाना मिल जाएगा. 6 साल पहले निकाली इस भर्ती में 10 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों की नियुक्ति होना बाकी है. 

इससे पहले मार्च में भी कैलेण्डर तो जारी किया था,लेकिन फिर से उस कैलण्डर को रद्द कर दिया गया था. बता दें कि लोकसभा चुनाव में आचार संहिता के चलते भर्ती की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी. ऐसे में एक बार फिर से पंचायतीराज विभाग को आसानी से भर्ती पूरी नहीं करने का बहाना मिल जाएगा.

वहीं, नियुक्तियां नहीं मिलने से एक तरफ संविदाकर्मियों ने टोंक में आंदोलन शुरू कर दिया,वहीं दूसरी ओर फ्रेश अभ्यर्थियों का गुस्सा भी सातवे आसमान पर पहुंच गया है. अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि जल्द नियुक्तियां नहीं दी गई तो दिल्ली जाकर आंदोलन किया जाएगा.क्योकि 6 साल से सड़क पर बेरोजगार भटक रहे है.

कड़ी मेहनत और परिश्रम के बाद भी सरकारी नौकरी का सपना संजोए हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य खत्म होता दिखाई दे रहा है. उनका भविष्य उनकी कमजोरी के कारण नहीं,बल्कि पंचायतीराज विभाग की कमियों के कारण भटक रहा है. विवादित एलडीसी भर्ती का पैंच इतना फंसा की छह साल बाद भी नहीं सुलझ पाया है. 

वहीं, अभ्यर्थियों ने पंचायतीराज विभाग के जोइंट सैक्रेटी सुनील शर्मापर भर्ती अटकाने का आरोप लगाया है. ऐसे में अब अभ्यर्थियों को सिर्फ सरकार से उम्मीद है कि जल्द से जल्द इस भर्ती में नियुक्तियां दी जाए,ताकि बेरोजगारों को रोजगार मिल सके.