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जयपुर: खराब मीटर के चलते नहीं मिल पा रहा लोगों को मुफ्त में पानी, पीएचईडी नहीं ले रहा एक्शन

पीएचईडी के चीफ इंजीनियर आईडी खान ने सीएम का आदेश बदलते हुए ये सकुर्लर जारी किया. उन्होनें ये सर्कुलर जारी किया कि 15 हजार लीटर तक प्रति माह जल उपभोग की छूट केवल चालू मीटर कनेक्शनों पर ही लागू होगी.

जयपुर: खराब मीटर के चलते नहीं मिल पा रहा लोगों को मुफ्त में पानी, पीएचईडी नहीं ले रहा एक्शन
फाइल फोटो

जयपुर: राजस्थान में पीएचईडी की इंजीनियरिंग आधी जनता पर भारी पडेगी, क्योंकि प्रदेश में जिन लाखों उपभोक्ताओं के पानी के मीटर खराब हैं, उन्हे मुफ्त में पानी नहीं मिल पाएगा. सीएम ने लोकसभा चुनाव की आचार सहिंता से पहले पूरे राजस्थान को मुफ्त में पानी पिलाने की घोषणा की थी, लेकिन जलदाय विभाग ने सीएम का आदेश ही बदल दिया. 

यदि आपको इंजीनियरिंग सीखनी हो तो प्रदेश के पीएचईडी विभाग चले जाईए, जहां गलतियों से सबक सीखने की बजाय, जनता की जेब पर डाका डालने का काम सिखाया जाता है या यूं कह लीजिए एक तरफ तो चोरी उपर से सीनाजोरी. पीएचईडी के एक सर्कूलर के बाद कुछ ऐसे ही सवाल खड़े हो रहे हैं. राजस्थान में जिन उपभोक्ताओं के घर पर लगे पानी के मीटर खराब हैं उन्हे मुफ्त में पानी नहीं मिलेगा. जबकि मीटर सुधारने और नया मीटर लगाने का काम और प्यास बुझाने का काम भी पीएचईडी का ही है, लेकिन इसकी सजा प्रदेश की जनता को मिलेगी, क्योंकि पीएचईडी ने समय से मीटर ठीक नहीं किए.

पीएचईडी के चीफ इंजीनियर आईडी खान ने सीएम का आदेश बदलते हुए ये सकुर्लर जारी किया. उन्होनें ये सर्कुलर जारी किया कि 15 हजार लीटर तक प्रति माह जल उपभोग की छूट केवल चालू मीटर कनेक्शनों पर ही लागू होगी.

जयपुर में तबरीबन 4.70 लाख पानी के उपभोक्ताओं के कनेक्शन हैं, लेकिन उसमें से 2.70 लाख उपभोक्ताओं के पानी के मीटर खराब हैं. यानि सीधे तौर पर लाखों उपभोक्ता यदि 15 हजार लीटर से कम पानी खर्च करते हैं तो भी उन्हें मुफ्त में पानी नहीं मिल पाएगा, उसके लिए उन्हें पूरे पैसे देने ही होंगे. पूरे राजस्थान की बात करें तो ये आकंड़ा और बढ़ जाएगा. जबकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तीन महीने पहले ही ये निर्देश दिए थे कि पानी के मीटर्स ठीक करें जाए, लेकिन जलदाय विभाग की लापरवाही आम जनता को भुगतनी पड़ेगी.

वैसे भी जनता को पूरा पानी तो मिल भी नहीं रहा और तो और चार महीने से पानी के बिल भी नहीं पहुंच रहे. हालांकि, जलदाय विभाग ने अपने सर्कुलर में ये आदेश दिए हैं कि दो महीने में एक बार पानी का बिल आएगा. इसके साथ साथ घरेलू उपभोक्ताओं को 15 एमएम कनेक्शन पर ही छूट देय होगी. लेकिन जलदाय विभाग के सर्कुलर के बाद आमजनता बडे सवाल खड़े कर रही है.