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जयपुर: अंडरपास में पानी भरने के अंदेशे से ही सहमें लोग, प्रशासन बेखबर

मुंडिया निवासी 11 कक्षा की छात्रा मधु जाट बताती है कि पास ही के गांव थूनी में रेलवे अण्डरपास बना हुआ है. जिसमे बरसात से करीब 8-10 फ़ीट पानी भर जाता है.

जयपुर: अंडरपास में पानी भरने के अंदेशे से ही सहमें लोग, प्रशासन बेखबर
जनता को मजबूरी ने रेलवे लाइन के ऊपर से गुजरना पड़ता है.

अमित यादव/चाकसू: रेलवे प्रसासन ने अण्डरपास बनाने में करोड़ो रूपये तो खर्च कर दिए लेकिन इससे बावजूद स्थानी लोगों को सुविधा की जगह दुविधा हो रही है. पहले फाटक बनाये गए थे और मौके पर रेलवे के क्वाटर भी बने हुए है, लेकिन फाटक को हटाकर अण्डरपास बना दिये गए जिसमे बरसात में 8-10 फ़ीट पानी भर जाता है. रामपुरा, स्वामी का बास, मुंडिया गांव सहित कई ढाणियों के क़रीब 30 छात्र छात्राये राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय थूनी अहिरान में पढ़ने के लिए आते है लेकिन बारिश होते ही अण्डरपास में 8-10 फ़ीट पानी भर जाता है जिससे बच्चे स्कूल नही जा पाते है. या फिर मजबूरी में रेलवे लाइन के ऊपर से निकलना पड़ता है जिससे बच्चों में हादसे का डर सताता रहता है.

मुंडिया निवासी 11 कक्षा की छात्रा मधु जाट बताती है कि पास ही के गांव थूनी में रेलवे अण्डरपास बना हुआ है. जिसमे बरसात से करीब 8-10 फ़ीट पानी भर जाता है. जिसके कारण हमें मजबूरी ने रेलवे लाइन के ऊपर से गुजरना पड़ता है जिससे हादसे का डर हमे सताता रहता है. कई बार हादसे के शिकार होते होते भी बचते है. वहीं साथ मे कई बार तो शिक्षक भी लाइन क्रॉस करके स्कूल आते है.

वहीं बरसात होने पर अण्डरपास आसपास के गांव ढाणियों के लोगो को चाकसू जाने में चक्कर लगाकर जाना पड़ता है. मुंडिया-थूनी अहिरान में रेलवे द्वारा अण्डरपास बनाया गया है, लेकिन बरसात से पानी भर जाता है. छात्र-छात्राओ को मजबूरी में रेलवे लाइन के ऊपर से निकलना पड़ता है. छात्र छात्रओं के पास इसके अलावा कोई और रास्ता नहीं है जिससे स्कूल समय से पहुंच पाएं.

यह सड़क मार्ग माधोसिंघपुरा, तामड़िया, आनन्द रामपुरा, टूमली का बास, हिंगोनिया, गणेशपुरा, सहित करीब एक दर्जन गांव ढाणियों को जोड़ती है. अण्डरपास से प्रभावित लोगों को करीब आठ किलोमीटर का चक्कर लगाकर चाकसू आना पड़ता है. ग्रामीण स्थानीय प्रसासन को कई बार ज्ञापन दे चुके है लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है. इससे कभी भी बडा हादसा होने की संभावना बनी रहती है, लेकिन स्थानीय प्रसासन व रेलवे अधिकारियों को शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार है.

इस विषय मे जब जिमेवारों से बात की तो चाकसू के उपखंड अधिकारी ओमप्रकाश सहारण ने हमेशा की तरह वही रटा रटाया जवाब दिया उपखण्ड अधिकारी ने कहा रेलवे अधिकारी को चिट्ठी लिख कर अवगत करवा कर समस्या का समाधन करवाया जायेगा. उपखण्ड अधिकारी महोदय को कोई समझाये स्थानीय लोगो के द्वारा ज्ञापन और लिखित में समस्या अवगत करवा दी गई लेकिन अभी तक उपखण्ड अधिकारी चिठ्ठी ही लिखते रहंगे.

अगर समय रहते है इस समस्या को ठीक नहीं किया गया तो आने वाले समय मे भी कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. अब देखना ये होगा कि इस खबर के बाद भी प्रशासन को चेताने और लोगों की समस्या अवगत करवाने के बाद कोई कदम उठाता है या नहीं.