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जयपुर ट्रैफिक पुलिस अब सॉफ्टवेयर के जरिए लगाएगी नियमों को तोड़ने वालों पर लगाम

इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से हाईवे पर यातायात की समस्या को रोका जाएगा, वहीं पुलिस सॉफ्टवेयर के माध्यम से यातायात नियमों को उल्लंघन करने वालो पर कार्रवाई करेगी.

जयपुर ट्रैफिक पुलिस अब सॉफ्टवेयर के जरिए लगाएगी नियमों को तोड़ने वालों पर लगाम
इस सॉफ्टवेयर के तहत हाईवे पर हाईटेक कैमरे लगाए जाएंगे.

शरद पुरोहित/जयपुर: हाइवे पर लेन ड्राइविंग व यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों की अब खैर नहीं. जयपुर यातायात पुलिस जल्द हाईटेक सॉफ्टवेयर व कैमरा के माध्यम से हेवी व्हीकल्स पर कार्रवाई करने वाली है. इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से हाइवे पर यातायात की समस्या को रोका जाएगा, वहीं पुलिस मेन पावर को कम करते हुए सॉफ्टवेयर के माध्यम से यातायात नियमों को उल्लंघन करने वालो पर कार्रवाई करेगी.

इस मामले में पुलिस ने कहा है कि घटना के संबंध में एक मामला दर्ज किया गया है. आपने अब तक हाइवे पर देखा होगा कि हैवी व्हीकल एक के पीछे एक चलते हैं. हाइवे पर अलग अलग लेन भी बनी होती हैं लेकिन हर लेन पर सिर्फ ट्रक या हैवी व्हीकल ही चलते हैं. हैवी व्हीकल चलने से छोटे वाहन चालकों को काफी समस्या का सामना करना पड़ता है. यही वह मुख्य वजह हैं जिसकी वजह से हाइवे पर यातायात की समस्या बन जाती है. वहीं एक-एक ट्रक को रुकवा कर चालान करना पुलिस के लिए भी संभव नहीं होता. इसी समस्या से निपटने के लिए यातायात पुलिस एआई बेस्ट सॉफ्टवेयर यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ट सॉफ्टवेयर के माध्यम से लेन ड्राइविंग और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करेगी. 

इस सॉफ्टवेयर के तहत हाइवे पर हाईटेक कैमरे लगाए जाएंगे. कैमरे पास के टोल प्लाजा से अटैच रहेंगे. इस टोल प्लाजा पर यातायात पुलिस कर्मी का एक अधिकारी तैनात किया जाएगा. जैसे ही कोई वाहन चालक यातायात नियम तोड़ेगा तो ऑटोमेटिक सॉफ्टवेयर और कैमरे में उसकी हरकत कैद हो जाएगी. जिसके बाद जैसे ही वह वाहन चालक टोल प्लाजा पर पहुंचेगा तो उसको टोल की पर्ची के साथ-साथ उसका चालान भी सौंप दिया जाएगा. देश में संभवत ऐसा अभी कहीं नहीं हो रहा. जयपुर पुलिस यह पहल करने जा रही है. शुरुआती स्तर पर 200 फीट बाईपास से बगरू टोल तक इस पहल को शुरू किया जाएगा. जैसे ही पहल सफल होगी तो इसे पूरे प्रदेश भर में लागू किया जाएगा.

डीसीपी ट्रैफिक राहुल प्रकाश ने बताया कि विदेश की एक कंपनी ने अभी प्रेजेंटेशन दिया है. जल्द पुलिस मुख्यालय के आला अधिकारियों को यह प्रेजेंटेशन दी जाएगी. जिसके बाद इस पहल की शुरुआत की जाएगी. सॉफ्टवेयर व कैमरा के माध्यम से ओवर स्पीड, लेन वायलेशन, सीट बेल्ट आदि सभी नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध ऑटोमेटिक कार्रवाई हो जाएगी. इस पहल से पुलिस की मेन पावर भी बचेगी और हाईटेक तरीके से पुलिस काम भी करेगी. जयपुर पुलिस की यह पहल वाकई सराहनीय पहल है. उम्मीद करते हैं यह पहल जल्द शुरू हो और इसे सफलता भी मिले. साथ ही इस पहल को पूरे प्रदेशभर सहित पूरे देश भर में लागू किया जाना चाहिए क्योंकि देश में हाइवे पर काफी यातायात की समस्या बनी रहती है.