जयपुर: बस स्टैंड का इंतजार जनता को कर रही परेशान, सरकार बेखबर

कस्बे के स्थाई बस स्टॉप नहीं होने के कारण यहां नियमित रूप से लम्बी दुरी की बसों का ठहराव सुनिश्चित नहीं है.

जयपुर: बस स्टैंड का इंतजार जनता को कर रही परेशान, सरकार बेखबर
यात्रियों को जान जोखिम में डालकर राजमार्ग पर खड़े होकर वाहन पकड़ना पड़ता है.

जयपुर: राजस्थान के जयपुर-अजमेंर राष्ट्रीय राजमार्ग (Jaipur-Ajmer National Highway) पर स्थित बगरु कस्बे सहित आसपास के लोगों के लिए लम्बी दुरी यात्रा के लिए यातायात के साधनों का इंतजाम एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. कस्बे के स्थाई बस स्टॉप नहीं होने के कारण यहां नियमित रूप से लम्बी दूरी की बसों का ठहराव सुनिश्चित नहीं है. जिसके चलते यात्रियों को जान जोखिम में डालकर राजमार्ग पर खड़े होकर वाहन पकड़ना पड़ता हैं.

साथ ही, अवैध यात्री वाहनों में सफर करना दु:खदायक साबित हो रहा हैं. वहीं, नेता सिर्फ थोथी घोषणाएं करते हैं. धरातल पर आज तक कोई काम नजर नही आ रहा है. जनता भी अब इसे अपनी किस्मत समझ हताश हो चुकी है.  जयपुर-अजमेंर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होने के बावजूद बगरु के लोगों के लिए जन जोखिम मेंं डालकर यात्रा के साधनों का इतज़ार करना जैसे उनकी किस्मत सी बन गई है. रोडवेज विभाग द्वारा पुलिया के नीचे से होकर गुजारने के आदेश होने के बावजूद रोडवेज की बसें पुलिया के ऊपर से गुजरती हैं. मजबुरी मेंं लोगों को एक्सप्रेस हाईवे पर खड़े होकर वाहनों को रोकने के लिए हाथ देना पड़ता है, जो कई बार जानलेवा साबित हो चुका है. पर कोई करे भी तो क्या करे मजबुरी है साहब जिम्मेंदारों का 

इस ओर कोई ध्यान ही नहीं है. जनता लगातार एक स्थाई बस स्टॉप की मांग कर रही है पर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है. अवैध प्राईवेट वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है.बगरु के बड़ा कस्बा है रोजना सैकड़ो लोगों का प्रदेश के अन्य जिलो साथ ही गुजरात, दिल्ली, हरियाणा ओर पंजाब तक आना जाना लगा रहता है. फरवरी 2016 में यहां बस का इंतजार कर रहे एक ही परिवार के तीन लोग (2 बच्चे व एक महिला) सहित कुल 5 लोग काल का ग्रास बन गए. एक परिवार दो के चिराग बुझ गए, दो भाईयो ने अपने इकलौते बेटे खो दिये. पीडित परिवार को ढांड़स बंधाने कई बड़े बड़े नेता आये और अतिशीघ्र ही एक्सप्रेस बसो का ठहराव सुनिश्चित करने का आश्वासन देकर भी गये पर वो आश्वासन ही रह गया, आज तक कोई समाधान नहीं हुआ. 

करीब दस दिन पहले अजमेंर से बगरु अपने रिश्तेदारों से मिलने आई दो महिलाएं राजमार्ग पर बस से उतरकर सड़क पार करते तेज रफ्तार का शिकार हो गई और दोनों की मौके पर मौत हो गई. वर्तमान सरकार को जनता की इस तकलीफ से अवगत करवाया गया है, राहत अपेक्षा है मिले आश्वासन से उम्मीदे जाग गई हैं.

वहीं, एक्सप्रेस बसों के नहीं रुकने की सबसे बड़ी वजह हैं स्थान निर्धारित नहीं होना. बगरु पुलिया ने नीचे लगाने वाला जाम, जिसकी वजह से बस चालक बस को पुलिया के ऊपर से ही दौड़कर ले जाते हैं और यात्री मुंह ताकते रह जाते हैं. रोडवेज विभाग इसको लेकर कभी सख्त नजर नहीं आया. वहीं, बगरु नगर पालिका अध्यक्षा सन्तोष चौहान भी इस समस्या को लेकर खासी परेशान हैं और वह इसके समाधान में रह प्रकार से सहयोग कर जनता को राहत देने के मूड़ में नजर आ रही है.

पिछली सरकार के वादो ओर इरादो से हताश जनता ने सरकार बदलते ही सरकार से लोगों को कुछ उम्मीदें जागी है विधायक गंगा देवी को जब जनता ने इस समस्या से अवगत करवाया तो वे तुरंत सक्रिय हो गई ओर स्थानीय पालिका प्रशासन व पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को स्थाई बस स्टॉप के लिए उपयुक्त जगह तलाश के लिए लगा दिया. जिसके लिए कुछ स्थान चिन्हित कर लिए गए है. जनता को राहत मिलने की उम्मीद फिर से जागी है वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मालूराम मीणा विधायक गंगादेवी के निर्देशों के बाद इस काम में जुटे हुए है.

(इनपुट-अमित यादव, सुनील जांगिड़)