Rajasthan में अटका पंचायतों के 4 हजार करोड़ का बजट, गांवों में विकास पर लगा ब्रेक

राजस्थान (Rajasthan) की 11 हजार से ज्यादा पंचायतों में विकास की रफ्तार सुस्त पड़ गई है क्योंकि दो साल से पंचायतों का छठे वित्त आयोग की राशि जारी नहीं हुई है. 

Rajasthan में अटका पंचायतों के 4 हजार करोड़ का बजट, गांवों में विकास पर लगा ब्रेक
पंचायतीराज विभाग द्वारा 4 हजार करोड़ से ज्यादा का बजट अटका रखा है.

Jaipur: राजस्थान (Rajasthan) की पंचायतें दो साल से वित्तीय संकट (Financial Crisis) से जूझ रही हैं. राज्य सरकार (State Government) द्वारा फंड नहीं दिए जाने के बाद 11,000 से ज्यादा पंचायतों के विकास पर ब्रेक लग गया है. ऐसे में मरुधरा के गांवों का विकास (Village Developments) कहीं अधरझूल में न रह जाए, कहीं विकास की रफ्तार में गांव की पंचायतें पीछे न रह जाए.

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राजस्थान (Rajasthan) की 11 हजार से ज्यादा पंचायतों में विकास की रफ्तार सुस्त पड़ गई है क्योंकि दो साल से पंचायतों का छठे वित्त आयोग की राशि जारी नहीं हुई है. अप्रैल 2020 में छठे आयोग का गठन होना था लेकिन अब तक जहां चौथी किश्त जारी होनी थी, वहां अब तक सिर्फ एक ही किश्त जारी हुई है. पंचायतों के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा 1387 करोड़ की दो किश्ते साल में जारी होती है लेकिन लेकिन अब तक सिर्फ एक ही किश्त जारी हो पाई है यानि अभी भी चार किश्तें बाकी हैं.

विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़े
पंचायतीराज विभाग द्वारा 4 हजार करोड़ से ज्यादा का बजट अटका रखा है, जिस कारण पंचायतों में गांव का विकास पूरी तरह से ठप पड़ा है. इसके बाद अब प्रदेशभर के सरपंच लामबंद हो गए हैं. बजट जारी नहीं होने से गांव का विकास पूरी तरह से ठप पड़ा है. पानी, बिजली, सड़कें और दूसरे विकास कार्यों के काम अटके पड़े हैं. इससे गांव की जनता परेशान होने लगी है. इसलिए प्रदेशभर के सरपंच लामबंद होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. सरपंचों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि पंचायतों का बजट जारी नहीं होता है. प्रशासन गांवों के संग अभियान का बहिष्कार करेंगे.

कोरोना काल के कारण सरकार भी आर्थिक तंगी से जूझ रही है. इसके चलते राज्य सरकार पंचायत बजट जारी नहीं कर पा रही है. ऐसे में अब देखना यह होगा की राजस्थान में पंचायतों का बजट कब जारी होगा और कब गांव के विकास की रफ्तार तेज होगी?