Alwar: जेल में भी पहुंचा कोरोना का वायरस, 8 कर्मचारी सहित 2 बंदी संक्रमित

Alwar News: जेल अधीक्षक ने बताया कि नए बंदी और अस्पताल से आने वाले बंदियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. बिना रिपोर्ट के अंदर बैरक में उन्हें दाखिल नहीं किया जा रहा है.

Alwar: जेल में भी पहुंचा कोरोना का वायरस, 8 कर्मचारी सहित 2 बंदी संक्रमित
जेल में भी पहुंचा कोरोना का वायरस. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Alwar: अलवर के केंद्रीय कारागृह में भी कोरोना का संक्रमण प्रवेश कर गया है. जेल के 8 कर्मचारी कोरोना के संक्रमण से पीड़ित हैं. वहीं, दो बंदी भी कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं. संक्रमित कर्मचारियों को होम आइसोलेशन में कर दिया गया है जबकि बंदियों को आइसोलेशन अस्पताल में भेजा गया है.

वहीं, अलवर जेल अधीक्षक संदीप यादव ने बताया कि जेल में 1000 बंदी मौजूद हैं. कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए  सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं. इस लहर में उपचार का वक्त भी काफी कम मिल रहा है इसलिए संक्रमित व्यक्ति की जान जोखिम में है.

उन्होंने बताया कि 45 वर्ष से ऊपर वाले जेल के सभी कर्मचारियों व बंदियों को दोनों टीके लगवा दिए गए हैं और अब 18 से 45 वर्ष के बंदी और कर्मचारियों को वैक्सीनेशन 1 मई से लगवाया जाएगा. उन्होंने बताया कि जेल प्रशासन की गाइडलाइन का पूरा पालन किया जा रहा है. कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बंदियों की मुलाकात को स्थगित कर दिया गया है. 

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यादव ने कहा कि यह मुलाकात तब तक स्थगित रहेगी जब तक कोरोना का कहर कम नहीं हो. जेल के मुख्य द्वार पर बाहर से आने वाले वह बंदियों को सैनिटाइज और मास्क दिए गए हैं. बिना मास्क, बिना सेनिटाइज किए हुए जेल में किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जा रहा है. बंदियों को भी दो-दो मास्क दिए हुए हैं और सैनिटाइजर की व्यवस्था की हुई है.

उन्होंने कहा कि जेल प्रोटोकॉल के हिसाब से सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी पालन किया जा रहा है. संदीप यादव ने बताया कि 8 कर्मचारी जिनमें तीन RAC के जवान और पांच जेल कर्मी कोरोना वायरस से पीड़ित हैं. उन्हें होम आइसोलेशन किया हुआ है. इसके अलावा दो बंदी कोरोना पॉजिटिव मिले हैं, जिन्हें चिकानी स्थित कोरोना हॉस्पिटल भेजा गया है.

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उन्होंने बताया कि जो भी कर्मचारी छुट्टी के बाद ड्यूटी पर आ रहा है, उसे कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट के बाद ही ड्यूटी पर लिया जा रहा है. इसके अलावा जो भी नए बंदी आ रहे हैं उन्हें दो तरीके से फिल्टर किया जा रहा है. एक बैरक में रखकर सात आठ दिन तक यह देखा जाता है उसमें किसी तरह के लक्षण तो नहीं है, उसके बाद दूसरे बैरेक में रखा जाता है वहां 15 दिन रखने के बाद ही जनरल बैरक में उनको रखा जाता है.

जेल अधीक्षक ने बताया कि नए बंदी और अस्पताल से आने वाले बंदियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. बिना रिपोर्ट के अंदर बैरक में उन्हें दाखिल नहीं किया जा रहा है.

(इनपुट-जुगल किशोर गांधी)