पंचायतीराज व्यवस्था में दिव्यांजनों को आरक्षण की आस, छत्तीसगढ़ की तर्ज पर मिल सकता है Reservation
X

पंचायतीराज व्यवस्था में दिव्यांजनों को आरक्षण की आस, छत्तीसगढ़ की तर्ज पर मिल सकता है Reservation

त्रिमंडल विस्तार के बाद दिव्यांगजनों को सरकार से उम्मीदे फिर से बढ़ने लगी है. निकायों की तरह पंचायतीराज व्यवस्था में भी 16 लाख से ज्यादा दिव्यांगजनों को आरक्षण की आस जगने लगी है.

पंचायतीराज व्यवस्था में दिव्यांजनों को आरक्षण की आस, छत्तीसगढ़ की तर्ज पर मिल सकता है Reservation

Jaipur: राजस्थान में दिव्यांगजनों को पंचायतीराज व्यवस्था (Panchayati Raj System) में आरक्षण का इतंजार है. नए मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet Expansion) के बाद अब फिर से दिव्यांगों की नजर आरक्षण पर टिक गई है. हालांकि सीएम गहलोत निकायों में 4 प्रतिशत आरक्षण देकर दिव्यांगजनों का पार्षद मनोनीत किया है. वहीं, अब 16 लाख दिव्यांगजनों की नजर पंचायतराज चुनाव में आरक्षण की है.

सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है
राजस्थान (Rajasthan News) में पंचायतीराज चुनाव में दिव्यांगों को आरक्षण की आस जगने लगी है. मंत्रिमंडल विस्तार के बाद दिव्यांगजनों को सरकार से उम्मीदे फिर से बढ़ने लगी है. निकायों की तरह पंचायतीराज व्यवस्था में भी 16 लाख से ज्यादा दिव्यांगजनों को आरक्षण की आस जगने लगी है. गहलोत (CM Ashok Gehlot) सरकार ने निकायों में 4 प्रतिशत आरक्षण देते हुए दिव्यांगज पार्षदों को मनोनीत किया है. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली के कैबिनेट का पदभार संभालते ही दिव्यांगजनों की आस उनसे बढ़ गई है. टीकाराम जूली का कहना है सरकार हरसंभव पूरी तरह से प्रयास कर रही है कि दिव्यांगजनों को उनका हक मिले.

छत्तीसगढ़ की तर्ज पर मिल सकता है आरक्षण
छत्तीसगढ़ सरकार ने दिव्यांगजनों को राजनीति में समानता का अधिकार देने के लिए उन्हें पंचायतों जनप्रतिनिधि के रूप में काम करने का अवसर देने की तैयारी कर रही है. वहां जिन पंचायतों में कोई भी दिव्यांग चुनाव जीतकर नहीं आएगा, वहां छत्तीसगढ़ सरकार (Government of Chhattisgarh) दिव्यांगजनों को मनोनीत कर सकेगी. इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार पंचायतीराज अधिनियम 1993 की धारा में संशोधन के प्रस्ताव को अनुमोदित किया जाएगा. 

यह भी पढ़ेंः राजस्थान के 8 IPS समेत 66 को मिलेगा डीजीपी डिस्क, सोमवार को डीजीपी करेंगे सम्मानित

हाल ही में केंद्रीय दिव्यांगजन सशक्तिकरण डायरेक्टर केवीएस राव ने सभी राज्यों को खत लिखकर पंचायतीराज और निकाय चुनाव में 4 प्रतिशत आरक्षण की कार्रवाई करने के लिए कहा था यानि राज्य के साथ-साथ केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय दिव्यांगजनों को चुनावों में आरक्षण के लिए पूरी तरह से गंभीर है. 

हालांकि केंद्र सरकार (Central Government) के निर्देश के बाद में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव समित शर्मा ने पंचायतीराज सचिव और निदेशक को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए कहा है. राजस्थान में 16 लाख से ज्यादा दिव्यांगजन है, ऐसे में सरकार से उम्मीद है कि पंचायतीराज चुनावों में आरक्षण मिलेगा ताकि प्रदेश के दिव्यांग और मजबूत और सशक्त बन सकेंगे.

Trending news