रिटायरमेंट के बाद साईकिल यात्रा पर निकले सुभाष पहुंचे राजस्थान, पानी बचाने का दे रहे संदेश

सुभाष चंद विश्नोई (Subhash Chand Vishnoi) सेवानिवृत्ति (retirement) के बाद पानी और पर्यावरण बचाने का संदेश दे रहे हैं. 

रिटायरमेंट के बाद साईकिल यात्रा पर निकले सुभाष पहुंचे राजस्थान, पानी बचाने का दे रहे संदेश
सुभाष अपना सफर साईकिल से तय कर रहे है.

Jaipur: सरकारी नौकरी से रिटायर्ड होने के बाद हर कोई अपने घर में आराम करना पंसद करता है. लेकिन हरियाणा के सुभाष चंद विश्नोई (Subhash Chand Vishnoi) सेवानिवृत्ति (retirement) के बाद पानी और पर्यावरण बचाने (save environment) का संदेश दे रहे हैं. 60 साल की उम्र में सुभाष अपना सफर साईकिल से तय कर रहे है.

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जन-जल का संदेश लेकर पहुंच रहे गांव-गांव
पानी के सरंक्षण (Water conservation) के लिए अनेकों मुहिम चलती है, जन जन तक आवाज पहुंचाने के लिए बहुत से लोग पानी बचाने का संदेश देते है. लेकिन इन सबसे अलग हरियाणा के हिसार के रहने वाले 60 साल के सुभाष चंद विश्नोई साईकिल से गांव-गांव जाकर पानी बचाने का संदेश दे रहे है. हरियाणा के कृषि विभाग से मार्केटिंग बोर्ड में मंडी सुपरवाईजर के पद से रिटायर्ड होने के बाद सुभाष किसी धार्मिक यात्रा पर नहीं निकले, बल्कि उन्होंने साईकिल उठाई और जन-जल का संदेश लेकर जनता के बीच पहुंच गए.

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सुभाष केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) से प्रेरित होकर अब तक तीन राज्यों में साईकिल से यात्रा कर चुके है. उनके इस मिशन की शुरूआत हरियाणा से हुई, जहां उन्होंने 21 जिलों के 400 गांवों में पानी और पर्यावरण बचाने का संदेश दिया. उनकी साईकिल यहीं नहीं रूकी, वे अब पंजाब चले गए, जहां उन्होंने 20 गांवों का भम्रण किया. इसके बाद वे पहुंचे राजस्थान (Rajasthan), जहां पानी की सबसे ज्यादा कमी है. यहां वो 30 गांवों में जल के लिए मोटिवेट कर चुके है. अब तक सुभाष ने 4200 किलोमीटर का सफर साईकिल से तय कर चुके है.

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हमारे भविष्य के लिए पानी बचाना बहुत ही ज्यादा जरूरी हो गया है. खासकर राजस्थान में पानी की कमी बढ़ती जा रही है. ऐसे में सुभाष से ये सीख लेनी चाहिए कि 60 साल की उम्र में साईकिल से घूम घूमकर पानी बचाने का संदेश दे रहे है तो हम घर में बैठे-बैठे पानी कम खर्च कर जल को बचा सकते है.