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Sikar News: राजस्थान के सीकर जिले के अरनिया में पहुंची कृषि विभाग की टीम टमाटर की फसल खराबे का लिया जायजा. सौ से अधिक किसानों की 400 बीघा टमाटर की फसल चौपट हुई है. किसानों ने खराब बीज के चलते फसल खराबे का आरोप लगाया था. जिसके बाद पीड़ित ने कृषि मंत्री और सांसद को अपनी पीड़ा बताई थी.
फसल का किया निरीक्षण
सीकर जिले के श्रीमाधोपुर पंचायत समिति की पंचायत अरनिया में टमाटर की फसल खराब होने का निरीक्षण करने जिला स्तरीय टीम पहुंची. किसानों ने राज्य कृषि मंत्री किरोडी लाल मीणा और सीकर सांसद अमराराम से फसल खराबे की जांच कराकर उचित मुआवजा दिलाए जाने की मांग की थी. इसके बाद सीकर सांसद अमराराम ने पिछले सप्ताह टमाटर की फसल के खेतों का जायजा लिया था. कृषक जमनलाल यादव ने बताया कि टमाटर की फसल खराबे की जांच करने के लिए कृषि विभाग सीकर उपनिदेशक रामनिवास पालीवाल की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई. जिसमें डॉ वीरेंद्र पोरवाल, हरदेव सिंह बाजिया, डॉ आरके दूलर, मदनलाल, शंकर लाल कस्वा, कृषि विज्ञान केंद्र अरनिया के इंचार्ज डॉ महेश चौधरी, सहायक कृषि अधिकारी गोपाल यादव ने खेतों का निरीक्षण किया.
खराब बीज का हुआ था इस्तेमाल
पीड़ित किसानों के खेतों में जाकर टमाटर की फसल खराबे की जांच की. किसानों का आरोप था कि अरनिया क्षेत्र के सौ से अधिक किसानों ने चौमूं स्थित रिजवान कंपनी के अधिकृत विक्रेता मोहन खाद बीज भंडार से आढ़तिए के माध्यम से टमाटर का बीज खरीदा था. प्रति किलोग्राम बीज की कीमत 35 हजार रुपए थी. लेकिन अब जो फसल खड़ी है उसमें पैदावार शून्य है. पौधों पर एक या दो टमाटर ही लग रहे हैं. जबकि अन्य कंपनियों का बीज बोया है वहां चार से पांच किलो टमाटर एक-एक पौधे पर लग रहे हैं. ऐसे में कंपनी ने किसानों के साथ धोखा किया है और खराब बीज दिया है. जिसके चलते करीब सौ से अधिक किसानों की 400 बीघा की जमीन पर पैदावार बेकार चली गई. जिससे किसानों के सामने बच्चों की फीस जमा करवाने सहित रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया.
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