विधायकों की बढ़ी हुई धड़कनों के बीच फिर 2 दिन के दौरे पर Maken, लेकिन होगा वही जो 'मंजूर ए गहलोत' होगा

राजस्थान कांग्रेस में चल रहे सियासी घमासान के बीच अब जब अजय माकन राजस्थान कांग्रेस के विधायक प्रत्याशियों से संवाद करने कल एक बार फिर दो दिवसीय जयपुर दौरे पर आ रहे हैं तो हर कोई मंत्रिमंडल फेरबदल विस्तार के फार्मूले और तारीख को लेकर सवाल कर रहा है. चर्चा इसी बात की है कि आखिर ये इंतजार कब खत्म होगा. 

विधायकों की बढ़ी हुई धड़कनों के बीच फिर 2 दिन के दौरे पर Maken, लेकिन होगा वही जो 'मंजूर ए गहलोत' होगा
फाइल फोटो

Jaipur : राजस्थान कांग्रेस में चल रहे सियासी घमासान के बीच अब जब अजय माकन राजस्थान कांग्रेस के विधायक प्रत्याशियों से संवाद करने कल एक बार फिर दो दिवसीय जयपुर दौरे पर आ रहे हैं तो हर कोई मंत्रिमंडल फेरबदल विस्तार के फार्मूले और तारीख को लेकर सवाल कर रहा है. चर्चा इसी बात की है कि आखिर ये इंतजार कब खत्म होगा. इस पूरे प्रकरण में भले ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने यह साफ कर दिया है जो आलाकमान सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) तय करेंगी उस पर सबकी सहमति होगी, लेकिन यह सबको पता है कि जो "मंजूर ए गहलोत" होगा वही आलाकमान को मंजूर होगा.

यह भी पढ़ें : Rajasthan: मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार में लागू हो सकता है यह सिद्धांत, होंगे बड़े बदलाव

राजस्थान कांग्रेस (Rajasthan Congress) में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल के फार्मूले और तारीख का सस्पेंस खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. राजस्थान (Rajasthan News) के विधायकों पार्टी के नेताओं और पदाधिकारियों की बढ़ी हुई धड़कन के बीच प्रभारी अजय माकन (Ajay Maken) कल से 2 दिन तक स्पीकर सीपी जोशी के अलावा प्रदेश के कांग्रेस के 106 और 13 निर्दलीय विधायकों से संवाद करने वाले हैं. 2 दिन के संवाद के बाद 29 जुलाई को माकन रात्रि भोज पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ फाइनल डिस्कशन करने वाले हैं.

राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Vidhan Sabha) में होने वाले इस संवाद कार्यक्रम को दो भागों में बांटा गया है. 28 जुलाई सुबह 10 बजे जयपुर जिले के विधायक के साथ संवाद होगा. दोपहर डेढ़ बजे लंच तक सीकर झुंझुनू के विधायकों से फीडबैक लेंगे तो फिर लंच के बाद पहले अलवर फिर दौसा, बारां, कोटा, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर के विधायकों से चर्चा करेंगे. इसके बाद 29 जुलाई की सुबह 10 बजे अजमेर जिले के साथ संवाद कार्यक्रम का आगाज होगा तो फिर नागौर, भीलवाड़ा, टोंक, उदयपुर, राजसमंद, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, बाड़मेर, जोधपुर, जैसलमेर, जालौर, पाली और सबसे आखिर में सिरोही के विधायकों से मुलाकात करेंगे.

भले ही पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा कह रहे हो कि अजय माकन सत्ता और संगठन की मजबूती के लिए आ रहे हैं, लेकिन असल मे इस रायशुमारी के कई अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं. कहा जा रहा है कि अशोक गहलोत इस रायशुमारी के जरिए आलाकमान तक विधायकों के दिल की बात पहुंचाना चाहते हैं. इस रायशुमारी का एक मकसद यह भी है ताकि विधायक अजय माकन को यह बता सके कि जो कांग्रेस की सरकार को बगावत के दौरान बचाने में साथ खड़े रहे थे उनकी बात को उनकी भावना को तवज्जो दिया जाएगा. 

2 दिन तक विधायकों के साथ इस संवाद कार्यक्रम में भले ही कहा गया है कि माकन संगठनात्मक और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर विधायकों से राय मशवरा करेंगे लेकिन इसमें कहीं कोई दो राय नहीं है कि मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर भी विधायक माकन के समक्ष अपनी भावना जरूर रखेंगे. हालांकि इस पूरे एपिसोड में अजय माकन की 2 दिन पहले जयपुर यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह साफ कर दिया था कि सोनिया गांधी जो तय करेंगी वह मंजूर होगा, लेकिन सियासी हलकों में चर्चा यह भी है कि राजस्थान में वही होगा जो "मंजूर ए गहलोत" होगा. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पार्टी में कद और विधायकों पर उनकी पकड़ के चलते यह तय है कि सोनिया गांधी जो भी फैसला करेंगी उसमें अशोक गहलोत की रजामंदी जरूर होगी. कुल मिलाकर कहा जा सकता है की अशोक गहलोत की मंशा है कि बगावत के दौरान पार्टी के साथ खड़े रहने वाले सभी विधायकों और मंत्रियों को उनकी वफादारी का सिला जरूर दिया जाए.

यह भी पढ़ें : Hanuman Beniwal ने की RPSC चेयरमैन और सदस्यों की आय की CBI जांच की मांग, जानें मामला