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Jaipur News : दिल्ली में कोहरे ने फ्लाइट्स पर असर डालना शुरू कर दिया है. इस सीज़न में पहली बार 6 फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड नहीं हो सकी हैं. इन फ्लाइट्स को जयपुर डायवर्ट किया गया है.
ये डायवर्जन सुबह 6 बजे से शुरू हुआ और 10 बजे तक 6 फ्लाइट डायवर्ट होकर जयपुर पहुंच चुकी थी. इन फ्लाइट्स में 2 इंटरनेशनल फ्लाइट भी शामिल हैं जो जयपुर पहुंची थी.
दोनों ही फ्लाइट स्पाइसजेट एयरलाइन्स की थी जिनमें से एक दुबई से दिल्ली जा रही थी जबकि दूसरी बैंकॉक से दिल्ली जा रही थी.
इसके अलावा 4 घरेलू फ्लाइट्स जयपुर हायवर्ट हुई है. घरेलू फ्लाइट्स में 2 अकासा एयर, एक एयर इंडिया एक्स्प्रेस और एक नॉन शिड्यूल्ड चार्टर फ्लाइट थी.
चार्टर फ्लाइट हैदराबाद से दिल्ली जा रही थी जिसमें आंध्रा प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के बेटे और अन्य लोग सवार थे. स्पाइसेज की दोनों फ्लाइट्स को वापस दिल्ली जाने में करीब 3 घंटे का इंतजार करना पड़ा.
दिल्ली में कोहरा, जयपुर डायवर्ट हुई फ्लाइट
- स्पाइसजेट की दुबई से दिल्ली फ्लाइट SG-12 हुई जयपुर डायवर्ट
- स्पाइसजेट की बैंकॉक से दिल्ली फ्लाइट SG-88 हुई डायवर्ट
- अकासा एयर की बेंगलूरु से दिल्ली फ्लाइट QP-1811 हुई डायवर्ट
- अकासा एयर की बेंगलूरु से दिल्ली फ्लाइट QP-1359 हुई डायवर्ट
- एयर इंडिया एक्सप्रेस की मुम्बई से दिल्ली फ्लाइट IX-1282 हुई डायवर्ट
- इसके अलावा एक चार्टर फ्लाइट हुई जयपुर डायवर्ट
- सुबह 11:45 बजे तक सभी डायवर्ट फ्लाइट हुई वापस दिल्ली रवाना
क्यों डायवर्ट करनी पड़ती है फ्लाइट ?
जब घने कोहरे के चलते दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग नहीं हो पाती है तो इसे डायवर्ट किया जाता है. चूंकि जयपुर एयरपोर्ट अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस और मानकों पर खरा उतरता है. इसलिए कब विजिबिलिटी के स्थिति में यहां फ्लाइट लैंड की जाती है. आपको बता दें कि दिसंबर-जनवरी और फरवरी में कई घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय फ्लाइट्स को दिल्ली के बजाय जयपुर में उतारा जाता है. जब दिल्ली में कोहरा हो या मौसम साफ ना हो. हालांकि डायवर्जन के चलते यात्रियों को फ्लाइट में या एयरपोर्ट पर लंबे वक्त तक इंतजार करना पड़ सकता है, जब तक की दिल्ली के लिए फ्लाइट को मंजूरी नहीं मिल जाती है.
जयपुर एयरपोर्ट क्यों है खास ?
जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा CAT III इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) से लैस है.ये कैट थ्री बी इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम है, जो जयपुर एयरपोर्ट पर साल 2017 में लगवाया गया था. इस सिस्टम के चलते कोहरे में महज 75 मीटर की दृश्यता में फ्लाइट लैंड करवाई करवायी जा सकती है.
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