Rajasthan News: जयपुर में भावनगर-अयोध्या कैंट वीकली ट्रेन संचालन को लेकर लोको पायलट और गार्ड के बीच विवाद हुआ. आगरा स्टेशन पर बांदीकुई स्टाफ को जबरन उतारने पर बवाल मच गया.
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Rajasthan News: जयपुर में रेलवे स्टाफ के बीच ट्रेन संचालन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. मामला भावनगर-अयोध्या कैंट-भावनगर वीकली ट्रेन का है, जो हाल ही में शुरू हुई है. नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे (NWR) के पीसीओएम मदन देवड़ा ने आदेश जारी किए थे कि आबूरोड से जयपुर तक ट्रेन अजमेर मंडल का स्टाफ चलाएगा, जबकि जयपुर से टूंडला तक ट्रेन का संचालन जयपुर मंडल का स्टाफ करेगा.
मंगलवार को यह विवाद उस समय शुरू हुआ, जब बांदीकुई के लोको पायलट और गार्ड भावनगर-अयोध्या कैंट ट्रेन को अजमेर से टूंडला तक ले जा रहे थे. आगरा स्टेशन पर पहुंचने पर नॉर्थ सेंट्रल रेलवे (NCR) के आगरा मंडल के लोको पायलट और गार्ड ने ट्रेन को अपने कब्जे में ले लिया और जयपुर मंडल के बांदीकुई के लोको पायलट व गार्ड को जबरन ट्रेन से उतार दिया. उन्हें टूंडला तक ट्रेन ले जाने की अनुमति नहीं दी गई.
इस घटना से बांदीकुई रेलवे स्टाफ में भारी नाराजगी फैल गई. बुधवार को इसका जवाब देते हुए मंडल सहायक सचिव मानसिंह गांगुली के नेतृत्व में बांदीकुई के स्टाफ ने भी कार्रवाई की. अयोध्या कैंट-भावनगर ट्रेन जब टूंडला से आगरा मंडल के लोको पायलट और गार्ड लेकर आई, तो बांदीकुई स्टेशन पर उन्हें ट्रेन से उतार दिया गया. आदेश के अनुसार, टूंडला से अजमेर तक ट्रेन लाने का अधिकार बांदीकुई स्टाफ के पास था.
इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की भी हुई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मौके पर पहुंचकर विवाद को शांत कराया और मामले की जानकारी मुख्यालय को दी.
जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद NWR और NCR के बीच किलोमीटर बैलेंसिंग को लेकर हो रही गफलत से जुड़ा है. रेलवे में अलग-अलग मंडलों के बीच किलोमीटर बैलेंसिंग के आधार पर ट्रेन संचालन का बंटवारा किया जाता है, ताकि दूरी और समय का संतुलन बना रहे. मगर इस मामले में आदेशों की अलग-अलग व्याख्या और स्टाफ के बीच समन्वय की कमी ने स्थिति को बवाल में बदल दिया.