राजस्थान में भूजल दोहन पर ब्रेक! अब 500 करोड़ सेस से होगा ग्राउंड वाटर रिचार्ज

Jaipur News: राजस्थान में भूजल प्राधिकरण विधेयक पास हो गया. इस बिल के लागू होने के बाद ग्राउंड वाटर के डार्क जोन तस्वीर बदलेगी. राज्य में 3 दशकों में बदली ग्राउंड वाटर तस्वीर उलट हो गई. प्रदेश में आखिरी तीन दशकों में भूजल का दोहन 35% से बढाकर 150% तक पहुंच गया. 

राजस्थान में भूजल दोहन पर ब्रेक! अब 500 करोड़ सेस से होगा ग्राउंड वाटर रिचार्ज
Image Credit: ground water exploitatioSource: ज़ी न्यूज़ डेस्क

Jaipur News: राजस्थान में ग्राउंड वाटर की स्थिति को सुधारने के लिए विधानसभा में हाल ही में भूजल प्राधिकरण विधेयक पास हुआ. इस बिल के लागू होने के बाद भूजल दोहन पर तो लगाम लगेगा ही, इसके साथ-साथ राजस्थान को करोड़ का सेस भी मिलेगा. राजस्थान में भूजल प्राधिकरण विधेयक लागू होने के कैसे रूकेगा भूजल का दोहन, पढ़ें इस खास रिपोर्ट में!

150% तक पहुंचा भूजल का दोहन
राजस्थान में भूजल प्राधिकरण विधेयक पास हो गया. इस बिल के लागू होने के बाद ग्राउंड वाटर के डार्क जोन तस्वीर बदलेगी. राज्य में 3 दशकों में बदली ग्राउंड वाटर तस्वीर उलट हो गई. प्रदेश में आखिरी तीन दशकों में भूजल का दोहन 35% से बढाकर 150% तक पहुंच गया. राजस्थान में 299 में से केवल 38 ब्लॉक ही सुरक्षित, 216 ब्लॉक में अत्यधिक दोहन हो रहा. सरकार की सख्ती का असर भूजल के दोहन पर तो लगाम लगाएगा ही, इसके साथ साथ राज्य में 500 करोकरोड़पए तक सेस के सालाना इनकम होगी.

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प्रदेश में करीब 4 लाख इंडस्ट्रीज है, जिसमें से 25,000 ही रजिस्टर्ड हैं. इनके सिर्फ 40 से 45 करोड़ सालाना सेस मिल पाता है लेकिन भूजल एक्ट के लागू होने राज्य को 10 गुना ज्यादा सेस मिलेगा. सेस का उपयोग सरकार भूजल रिचार्ज करेगी. भूजल रिचार्ज के लिए अलग से बजट की आवश्यकता नहीं होगी. अभी जो सेस के राशि मिल रही है, वो केंद्रीय भूजल बोर्ड की गाइडलाइन के मुताबिक केंद्र सरकार के पास जा रहा है लेकिन अब राज्य में इस बिल के लागू होने से सेस ही राशि का मुनाफा राजस्थान को ही होगा.


32 साल में सुरक्षित ब्लॉक डार्क जोन में बदले
साल पानी का दोहनसुरक्षित ब्लॉक
1984 35 प्रतिशत 236 में से 203
1995 58 प्रतिशत 236 में से 127
2004 125 प्रतिशत 236 में से 34
2013 139 प्रतिशत 248 में से 44
2020 150 प्रतिशत 292 में से 37
2023 149 प्रतिशत 299 में से 38

नए विधेयक में सजा और जुर्माने का प्रावधान
प्रदेश में ट्यूबवेल या दूसरे किसी माध्यम से जमीन से पानी निकालने अनुमति लेनी होगी.साथ ही डार्क जोन में बिना अनुमति ट्यूबवेल नहीं खोद सकेंगे. कमर्शियल और इंडस्ट्रियल काम के लिए जमीन से पानी निकालने पर उसकी मात्रा के हिसाब से टैरिफ लगाया जाएगा.इस बिल में भूजल दोहन को रेगुलेट करने के लिए कई प्रावधान होंगे.

प्रदेश स्तर पर भूजल संरक्षण और प्रबंध प्राधिकरण बनेगा. यह प्राधिकरण ही ट्यूबवेल खोदने के लाइसेंस से लेकर बोरिंग रिग के रजिस्ट्रेशन करेगा.डार्क जोन वाले इलाकों में जमीन से पानी निकालने पर रोक भी रहेगी.ऐसे इलाकों से बिना अनुमति ट्यूबवेल खोदने और जमीन से पानी निकालने पर 6 महीने तक की सजा और 1 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान किया है.अभी इस बिल को राज्यपाल से मंजूरी मिलेगी, फिर उसके बाद इसके नियम बनेंगे.प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इसके प्रावधान लागू होंगे.

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Sandhya Yadav

Sandhya Yadav

संध्या यादव ज़ी राजस्थान न्यूज में सीनियर सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. वह राजस्थान से जुड़ी हर बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी न्यूज़ पर पकड़ रखती हैं. इन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. करियर की शुरूआत इन्होंने डिजिटल मीडिया से की थी. 8 साल के जर्नलिज्म करियर में लोकल, क्राइम, हेल्थ, एंटरटेनमेंट, वायरल और लाइफस्टाइल बीट पर काम किया है. इससे पहले Newstrack और ETV Bharat में भी सेवाएं दे चुकी हैं. हेडलाइन, एडिटिंग और कंटेंट पैकेजिंग इनकी खासियत है. मैंने यहां पर राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, गहलोत-पायलट पॉलिटिकल क्राइसिस और राजस्थान कोरोना क्राइसिस समेत कई बड़े ईवेंट्स कवर किए हैं.
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