जयपुर में परकोटे की जर्जर हवेलियों पर बुलडोजर, खतरे में सालों पुरानी धरोहर

Jaipur News: गुलाबी नगरी की पहचान मानी जाने वाली परकोटे की हवेलियां और पुराने भवन अब अपनी जर्जर हालत के चलते इतिहास बनने की कगार पर हैं. कभी इन हवेलियों के झरोखे, कंगूरें और नक्काशी शहर की शान हुआ करते थे, लेकिन दशकों की अनदेखी, मालिकों की बेरुखी और किरायेदार व्यवस्था के कारण ये धरोहरें अब खतरे में बदल गई हैं. 

जयपुर में परकोटे की जर्जर हवेलियों पर बुलडोजर, खतरे में सालों पुरानी धरोहर
Image Credit: Jaipur NewsSource: ज़ी न्यूज़ डेस्क

Jaipur News: जयपुर की पहचान मानी जाने वाली हवेलियां और झरोखे, अब खतरा बनते जा रहे हैं. कभी शाही शान की गवाही देने वाली ये इमारतें, अब अनदेखी और लापरवाही के बोझ तले ढह रही हैं. सुभाष चौक हादसे के बाद हैरिटेज निगम ने परकोटा क्षेत्र में बुलडोजर चलाना शुरू किया है. दशकों की अनदेखी, मालिकों की बेरुखी और किरायेदार व्यवस्था के कारण ये धरोहरें अब खतरे में बदल गई हैं.

गुलाबी नगरी की पहचान मानी जाने वाली परकोटे की हवेलियां और पुराने भवन अब अपनी जर्जर हालत के चलते इतिहास बनने की कगार पर हैं. कभी इन हवेलियों के झरोखे, कंगूरें और नक्काशी शहर की शान हुआ करते थे, लेकिन दशकों की अनदेखी, मालिकों की बेरुखी और किरायेदार व्यवस्था के कारण ये धरोहरें अब खतरे में बदल गई हैं. ताजा उदाहरण सुभाष चौक के पास छील का कुआं और पानों का दरीबा है, जहां 6 सितंबर को एक पुरानी बिल्डिंग ढहने से पिता और मासूम बेटी की दर्दनाक मौत हो गई थी.

Add Zee News as a Preferred Source

इस हादसे के बाद से हैरिटेज नगर निगम ने परकोटे में जर्जर इमारतों को ध्वस्त करने की कार्रवाई तेज कर दी है. सुभाष चौक क्षेत्र में रामकुमार धाबाई की गली में पांच जर्जर भवनों को बुलडोजर और हथौड़े से गिरा दिया गया, जबकि एक भवन को अस्थाई तौर पर सीज कर दिया गया. कार्रवाई सुबह 10.30 बजे शुरू हुई. सबसे पहले जर्जर इमारतों के आसपास रह रहे लोगों को बाहर निकाला गया और उसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई. दिलचस्प बात यह रही कि कुछ भवन मालिकों ने भी अपने स्तर पर मजदूर लगाकर भवनों के कमजोर हिस्सों को ढहा दिया. जोन उपायुक्त दिलीप भंभानी के अनुसार हाल ही में 14 पुरानी इमारतों की फाइल हाईपावर कमेटी को भेजी गई थी. अतिरिक्त आयुक्त की अध्यक्षता वाली इस कमेटी ने मौके पर निरीक्षण किया और 7 भवनों को ध्वस्त करने योग्य माना, जबकि अन्य 7 को मरम्मत के लिए नोटिस दिया गया है.

दरअसल मानसून सीजन में निगम हैरिटेज ने 179 बिल्डिंगों को जर्जर मानकर नोटिस जारी किए थे. इनमें कई हवेलियां और ऐतिहासिक इमारतें भी शामिल हैं. अधिकांश भवनों के मालिक इन्हें किरायेदारों के भरोसे छोड़ चुके हैं. मरम्मत और देखभाल के अभाव में अब ये जिंदगियों के लिए खतरा बन चुके हैं. परकोटे के ये भवन केवल पत्थर और ईंटों का ढांचा नहीं थे, बल्कि जयपुर की सामाजिक और सांस्कृतिक धरोहर थे. जिन हवेलियों में कभी संगीत, मेहमाननवाजी और पारिवारिक जीवन की रौनक गूंजती थी, वहां अब सीलन, दरारें और ढहते मलबे का सन्नाटा है. यदि समय रहते संरक्षण नहीं हुआ तो आने वाली पीढ़ियां इन हवेलियों को केवल फोटोग्राफ और किताबों में ही देख पाएंगी. वहीं प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है एक तरफ लोगों की जान बचाना और दूसरी तरफ धरोहरों को संरक्षित रखना. फिलहाल निगम का बुलडोजर ही उन हवेलियों का अंतिम वारिस बनता जा रहा है, जिन्हें कभी जयपुर की आत्मा कहा जाता था.


बहरहाल, जो हवेलियां कभी जीवन और रंगों से भरी थीं, अब जानलेवा खतरा बन चुकी हैं. हवेलियों को संजोने की बजाय भवन मालिकों ने किरायेदारों पर छोड़ दिया गया, नतीजा जर्जर होकर ढहना. क्या जयपुर की परंपरा, झरोखे और हवेलियां बुलडोजर के मलबे में ही दफ़्न होंगी, या इनके संरक्षण की ठोस योजना बनेगी? निगम फिलहाल जान बचाने पर ध्यान दे रहा है, लेकिन सवाल यह है कि क्या विरासत बचाने के लिए भी उतना ही तेज़ एक्शन होगा?

राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan Newsऔर पाएं Jaipur Newsकी हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!

ट्रेंडिंग न्यूज़

About the Author

Sandhya Yadav

Sandhya Yadav

संध्या यादव एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया में 8 वर्षों का एक्सपीरिएंस है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. संध्या की मुख्य Expertise राजस्थान की क्षेत्रीय राजनीति, क्राइम, प्रशासनिक फैसलों और हाइपरलोकल खबरों की सटीक एवं इन-डेप्थ कवरेज में है. लखनऊ यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने वाली संध्या ने Zee News से पहले Newstrack और ETV Bharat जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल न्यूज़ संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं. जमीनी खबरों की गहरी समझ रखने वाली संध्या ने राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, गहलोत-पायलट राजनीतिक संकट और कोविड-19 महामारी समेत कई बड़े और जटिल घटनाक्रमों की बेहतरीन कवरेज की है. आप संध्या यादव से सीधे SANDHYA.YADAV@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा राजस्थान की खबरों के रियल-टाइम अपडेट्स के लिए आप उनसे एक्स (https://x.com/Journosandhya) और लिंक्डइन (https://in.linkedin.com/in/sandhya-yadav-5734ba144) पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.
Read More