Rajasthan News: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने देशभर के सभी रीजन को कर वसूली के टारगेट दिए गए थे. जिसमें राजस्थान राज्य से 35890 करोड रूपये की कर वसूली टारगेट से ज्यादा सरकार के खजाने में भरने का काम किया.
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Jaipur News: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने देशभर के सभी रीजन को कर वसूली के टारगेट दिए गए थे. जिसमें राजस्थान राज्य से 35890 करोड़ रूपये की कर वसूली टारगेट से ज्यादा सरकार के खजाने में भरने का काम किया. राजस्थान राज्य को 35100 करोड़ रुपए का आयकर वसूली का टारगेट दिया गया था. आयकर विभाग ने प्रदेश में मिले कर वसूली के टारगेट को न सिर्फ पूरा किया, बल्कि उससे भी 210 करोड़ रुपए ज्यादा खजाने में भरने का काम किया. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए आयकर विभाग के सभी रीजन को कर वसूली के टारगेट दिए थे.
देश-प्रदेश में 5 साल में कर वसूली दोगुनी हुई
राजस्थान राज्य में पिछले 5 साल में आयकर की वसूली दुगने से भी ज्यादा हो चुकी है. वर्ष 2019-20 में प्रदेश से करीब 16500 करोड़ रुपए की आयकर वसूली हुई थी जो इस साल 35000 करोड़ को पार कर चुकी है. हालांकि 2018-19 में प्रदेश में आयकर की वसूली 21000 करोड़ से ज्यादा की हुई थी. लेकिन उसके बाद कोरोना के कारण केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने टारगेट भी काम कर दिए थे. क्योंकि कोरोना के समय कामकाज बंद होने की वजह से वैसे ही लोगों की आय घट चुकी थी.
राष्ट्रीय स्तर पर भी कर वसूली दोगुनीहुई
आयकर वसूली के आंकड़ों पर राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो 6 साल में आयकर की वसूली करीब दुगनी हो चुकी है. साल 2018-19 में पूरे देश में 11 लाख 37 हजार 718 करोड़ रुपए की आयकर वसूली हुई थी. जो इस साल 22 लाख 26 हजार 231 करोड़ तक पहुंच गई.
राजस्थान को इस साल 40 हजार करोड़ का टारगेट
राजस्थान से इस साल 40 हजार करोड़ रुपए का आयकर टैक्स वसूली का टारगेट है. यह टारगेट पिछले साल के मुकाबले 4900 करोड़ ज्यादा है. बीते साल विभाग को राजस्थान से 35100 करोड़ रुपए की वसूली का टारगेट मिला था. राजस्थान को जो 40 हजार करोड़ वसूली का टारगेट मिला है, उसमें 17700 करोड रुपए कॉरपोरेशन टैक्स के रूप में वसूलने हैं. जबकि 22300 करोड रुपए इनकम टैक्स और अन्य टैक्स के रूप में हैं.
आंकडों की देरी का कारण तकनीकी बनी
वित्तीय वर्ष 2024-25 के आंकड़ों को जारी करने में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड को देरी हुई. आंकडों देरी का कारण तकनीकी गड़बड़ी बताई गई है. इस वजह से आयकर विभाग के रीजन से आने वाले आंकड़ों को कंपाइल नहीं किया जा सका. जिससे न सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि रीजन वार भी कर वसूली का डाटा समय पर तैयार नहीं हो पाया था.
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रिपोर्टर - दामोदर प्रसाद