साथी की पिस्टल से गई थी कमांडो Ashok Kumar की जान, परिजनों को विशेष पेंशन अवॉर्ड का इंतजार

अपने ही थानेदार की पिस्टल से निकली गोली से मारे गए पुलिस कमांडो अशोक कुमार का विशेष पेंशन अवॉर्ड सरकारी फाइलों में अटक गया है. 

साथी की पिस्टल से गई थी कमांडो Ashok Kumar की जान, परिजनों को विशेष पेंशन अवॉर्ड का इंतजार
पुलिस कमांडो अशोक कुमार का विशेष पेंशन अवॉर्ड सरकारी फाइलों में अटक गया है.

Jaipur: पुलिस (Police) की नौकरी में मौत से ज्यादा कानून कायदे की फांस  तकलीफदेह होती है. ऐसा ही कुछ जोधपुर ग्रामीण पुलिस (Jodhpur Rural Police) के कमांडो अशोक कुमार (Ashok Kumar) के मामले में हो रहा है.

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अपने ही थानेदार की पिस्टल से निकली गोली से मारे गए पुलिस कमांडो अशोक कुमार का विशेष पेंशन अवॉर्ड सरकारी फाइलों में अटक गया है. पुलिस ने अपने जांबाज का पेंशन अवॉर्ड पारित कर दिया, लेकिन पेंशन और पेंशनर्स कल्याण विभाग ने नियमों में नहीं बताकर पेंच फंसा दिया. अब पुलिस मुख्यालय ने गृह विभाग को मामला भेजकर वित्त विभाग से अवॉर्ड स्वीकृत कराने की मांग की है. 

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जोधपुर ग्रामीण पुलिस के कमांडो कॉन्स्टेबल अशोक कुमार विश्नोई की अपने ही थानेदार की पिस्टल से निकली गोली से मौत हो गई. दरअसल, अशोक कुमार जोधपुर ग्रामीण की विशेष टीम में शामिल था. 28 अप्रैल 2020 को किसी प्रकरण में आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस थाना बिलाड़ा, बोरूंदा और विशेष टीम संयुक्त रूप से जैतारण नीमाज बर की तरफ पीछा कर रहे थे. वापसी के दौरान वाहन का टायर पंचर होने से बर में सड़क के किनारे वाहन का पंचर निकलवा रहे थे. उस वक्त बातचीत के दौरान उपनिरीक्षक ओम प्रकाश कासनियां ने अपनी सर्विस पिस्टल अनलोड की तो सीने में गोली लगने से कमांडो अशोक की मौत हो गई. अशोक की मौत के बाद परिजनों को विशेष पेंशन अवॉर्ड का इंतजार है.

मुख्य बिंदु
- एक मई 2020 को अशोक कुमार का नाम पुलिस विभाग से पृथक किया गया.
- वित्तीय सलाहकार पीएचक्यू  के 1 जून 2020 के निर्देश पर जोधपुर पुलिस ने अशोक कुमार के अंतिम रूप में आहरित उपलब्धियों के बराबर परिवार पेंशन भुगतान तय किया.
- साथ ही पुलिस कॉन्स्टेबल अशोक की जन्म तारीख  5 अक्टूबर 1992 से जब तक अशोक जीवित रहता अर्थात 31 अक्टूबर 2052 को 60 साल की अवधि में रिटायर होने तक विशेष पेंशन अवॉर्ड तय किया
-   पुलिस अधीक्षक ने अवॉर्ड प्राप्त करता कमांडो की पत्नी सरिता के पुनर्विवाह करने तक 23 जून 2021 को विशेष पेंशनरी अवॉर्ड स्वीकृत का दिया. 
- विशेष पेंशन अवॉर्ड के लिए 24 जून को प्रकरण पेंशन एवं पेंशनर्स कल्याण विभाग भेजा गया.
- पेंशन विभाग ने 3 मार्च 2021 को जोधपुर ग्रामीण एसपी को विशेष पेंशन अवॉर्ड स्वीकृत करने से मना कर दिया.
- पेंशन विभाग ने कमांडों की मौत की परिस्थितियों को राजस्थान पेंशन नियम 1996 के नियम 109 में उल्लेखित नहीं माना.
- विभाग ने इस प्रकरण को वित्त विभाग से परीक्षण करवाकर पेंशन विभाग को नियमानुसार भेजने के लिए लिखा.
- इसके बाद पुलिस मुख्यालय के वित्तीय सलाहकार आलोक माथुर ने 8 जुलाई को गृह विभाग को विशेष पेंशन अवॉर्ड स्वीकृत कराने के लिए लिखा.
- अब गृह विभाग से प्रकरण को मंजूरी के लिए वित्त विभाग भिजवाया जा रहा है.