Sachin Pilot के औचक निरीक्षण के बाद भी नहीं सुधरे टोंक जिला अस्पताल के हालात, स्थिति ज्यों की त्यों

टोंक जिला अस्पताल (Tonk District Hospital) के हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं. 

Sachin Pilot के औचक निरीक्षण के बाद भी नहीं सुधरे टोंक जिला अस्पताल के हालात, स्थिति ज्यों की त्यों
सआदत अस्पताल में डॉक्टर और कर्मचारी मौजूद नहीं मिले.

Tonk : राजस्थान के टोंक जिला अस्पताल (Tonk District Hospital) के हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं. पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के औचक निरीक्षण करने के 24 घंटे के बाद भी स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है. आज कलेक्टर चिन्मयी गोपाल (Collector Chinmayi Gopal) ने सआदत अस्पताल और जनाना अस्पताल का निरीक्षण किया. कलेक्टर हालात देखकर भौचंकी रह गई. डॉक्टरों की उपस्थिति रजिस्टर में पूरी उपस्थिति, लेकिन अधिकांश डॉक्टर नदारद मिले. यहां तक पीएमओ खेमराज बंशीवाल को अस्पताल में चिकित्सा संसाधनों के खत्म होने तक की जानकारी नहीं थी.

सचिन पायलट (Sachin Pilot) के निर्देश के बाद जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने आज सआदत अस्पताल का निरीक्षण किया. सआदत अस्पताल में डॉक्टर और कर्मचारी मौजूद नहीं मिले. हालांकि रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज मिली. 40 डॉक्टर और कर्मचारियों के साइन होने के बाद अस्पताल में मौजूद नहीं थे. जनाना अस्पताल का भी हाल कुछ ऐसा ही दिखा अस्पताल में अव्यवस्था फैली हुई नजर आई.

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर व्यवस्थाओं के बारे में पूछती रही, लेकिन पीएमओ खेमराज बंशीवाल के पास किसी तरह का कोई जवाब नहीं था. अस्पताल में मरीजों के परिजनों ने कलेक्टर से अपनी समस्याएं बताई. एक मरीज के साथ आए परिजन ने कलेक्टर के सामने मौके पर मौजूद डॉक्टर की सारी कमियां खोल कर रख दी, लेकिन कलेक्टर ने किसी अधिकारी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए सिर्फ व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए.

यह भी पढ़ें- BJP ने जारी की स्टार प्रचारकों की सूची, राज्य से सभी केंद्रीय मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे शामिल

जनाना अस्पताल में मरीजों के साथ आए परिजनों ने भी अपनी पीड़ा बताई. दोनों अस्पतालों के निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ पीएमओ की क्लास लगाई. कलेक्टर के साथ एडीएम मुरारी लाल शर्मा एसडीएम नित्या के सीएमएचओ अशोक कुमार यादव पीएमओ खेमराज बंशीवाल मौजूद रहे. 

लगातार शिकायतों के बाद जिला अस्पताल में फैली अव्यवस्था अब लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है. हर छोटी सी बीमारी के लिए रेफर करने वाले डॉक्टरों की शिकायतें भी कलेक्टर रेफर करती नजर आई. सचिन पायलट के निर्देश के बाद कलेक्टर का निरीक्षण सिर्फ खानापूर्ति नजर आया. जब तक किसी लापरवाह कर्मचारी अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही न हो तो अस्पताल में व्यवस्थाएं नहीं सुधरेगी.

Report : Purushotam Joshi