Rajasthan Politics: राजस्थान विधानसभा में निजता हनन का मामला, कांग्रेस ने राज्यपाल से मांगी जांच

Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा में निजता हनन का बड़ा मामला! कांग्रेस विधायकों ने राज्यपाल से मिलकर नए कैमरों की जांच की मांग की.

Rajasthan Politics: राजस्थान विधानसभा में निजता हनन का मामला, कांग्रेस ने राज्यपाल से मांगी जांच
Image Credit: Rajasthan NewsSource: ज़ी न्यूज़ डेस्क

Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा में निजता के हनन का मामला आज राजभवन तक पहुंच गया. कांग्रेस के विधायकों ने राज्यपाल से मिलकर विधानसभा में लगाए गए नए कैमरों के मामले की जांच की मांग की. विधानसभा का सत्र भले ही समाप्त हो चुका हो, लेकिन सियासी पारे की गर्मी चरम पर है. विपक्ष ने राजभवन के दरवाजे पर दस्तक देकर विधानसभा में लगाए गए अतिरिक्त कैमरों से विपक्षी विधायकों की जासूसी करने के गंभीर आरोप लगाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विधानसभा में लगाए गए नए कैमरों को लेकर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि इन कैमरों पर 18 लाख 46 हजार रुपये खर्च किए गए और पूरी टेंडर प्रक्रिया जल्दबाजी में पूरी की गई. जूली के अनुसार, यह कार्य विधानसभा सत्र से ठीक पहले किया गया.

Add Zee News as a Preferred Source

उन्होंने दावा किया कि इन कैमरों की रिकॉर्डिंग सीधे विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी अपने कक्ष में देख और सुन सकते हैं. उन्होंने चुनौती दी कि यदि स्पीकर की मंशा साफ है, तो उन्हें इन रिकॉर्डिंग्स को यूट्यूब पर लाइव प्रसारित करना चाहिए. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विधानसभा के विपक्ष ब्लॉक में हिडन कैमरे लगाए जाने का गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि इन कैमरों के जरिए वीडियो और ऑडियो की पूरी रिकॉर्डिंग की जा रही है.

जूली ने इस मामले की जांच के लिए राज्यपाल से गुहार लगाई और मांग की कि सदन को सील कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए. उन्होंने सुझाव दिया कि जांच में सभी राजनीतिक दलों को शामिल किया जाए और यह प्रक्रिया हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में होनी चाहिए. इसके साथ ही, जूली ने सत्तापक्ष के मुख्य सचेतक और विधायक गोपाल शर्मा के बयानों का हवाला देते हुए अपने आरोपों को और मजबूती प्रदान की.

बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें तथ्यहीन और मनगढ़ंत करार दिया. बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस की जमीन खिसक चुकी है, और वह ऐसे बहानों के जरिए सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश कर रही है. इस बीच, विधानसभा में दो दिनों तक चले गतिरोध और 'जग्गा जासूस' जैसी टिप्पणियों ने विधानसभा की गरिमा को तार-तार कर दिया.

मुख्यमंत्री के भाषण के बहिष्कार ने राजस्थान विधानसभा की मर्यादाओं के सुनहरे दौर पर सवाल उठा दिए हैं. जाहिर है, विपक्ष अगले सत्र तक इस मुद्दे को जनता के बीच जिंदा रखना चाहता है, लेकिन उनकी ये कोशिशें कितनी सफल होंगी, यह भविष्य ही बताएगा.

ट्रेंडिंग न्यूज़

About the Author