Rajasthan Politics: 6 साल के लिए निष्कासित हुए पूर्व विधायक अमीन खान की कांग्रेस में वापसी, निलंबन खत्म कर पार्टी ने खोला दरवाजा

Ameen Khan Suspension Withdrawn : कांग्रेस ने नेता अमीन खान का 6 साल का निष्कासन रद्द किया. प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के आदेश से खान की पार्टी में वापसी. लोकसभा चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण हुआ था निष्कासन.

Rajasthan Politics: 6 साल के लिए निष्कासित हुए पूर्व विधायक अमीन खान की कांग्रेस में वापसी, निलंबन खत्म कर पार्टी ने खोला दरवाजा
Image Credit: Ameen Khan Suspension Withdrawn

Rajasthan Politics, Ameen Khan Suspension Withdrawn : जयपुर में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम में, कांग्रेस पार्टी ने अपने निलंबित नेता अमीन खान के निष्कासन को रद्द कर उनकी पार्टी में वापसी का रास्ता साफ कर दिया है. प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा द्वारा जारी आदेशों के तहत अमीन खान के छह साल के निष्कासन को वापस लिया गया है. खान को लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण 6 साल के लिए निष्कासित किया गया था, जिसके चलते उस समय विवाद खड़ा हो गया था.

इस फैसले को कांग्रेस की ओर से आंतरिक मतभेदों को सुलझाने और राजस्थान में अपनी स्थिति को मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है. अमीन खान की वापसी को आगामी चुनावी चुनौतियों से पहले प्रभावशाली नेताओं के साथ सुलह के प्रयास के रूप में माना जा रहा है. इस निर्णय ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा को जन्म दिया है, कुछ इसे पार्टी के आधार को मजबूत करने की दिशा में एक व्यावहारिक कदम मान रहे हैं.

Add Zee News as a Preferred Source

प्रमुख राजनीतिक नेता हैं अमीन खान

अमीन खान एक प्रमुख राजनीतिक नेता हैं जिन्होंने पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा सीट से पांच बार विधायक के रूप में कार्य किया है. वह 2008 में गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे. अमीन खान अल्पसंख्यक समुदाय के एक दिग्गज नेता माने जाते हैं और उन्होंने शिव विधानसभा सीट से कांग्रेस की टिकट पर 10 बार चुनाव लड़ा है, जिसमें से पांच बार उन्हें जीत मिली है. उनकी राजनीतिक यात्रा में उतार-चढ़ाव आए, लेकिन वह पश्चिमी राजस्थान में अपनी मजबूत उपस्थिति के लिए जाने जाते हैं.

2023 के विधानसभा चुनाव में हारे थे अमीन खान

अमीन खान को 2023 के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था, जब वे कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे. उस समय, कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष ने पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ा था, जिससे अमीन खान तीसरे नंबर पर रहे. निर्दलीय प्रत्याशी रविंद्र सिंह भाटी ने चुनाव जीता था. इसके अलावा, अमीन खान ने लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस से बगावत कर चुनाव लड़ने वाले फतेह खान की पार्टी में वापसी का विरोध किया था, लेकिन पार्टी आलाकमान ने उनके विरोध को नजरअंदाज कर फतेह खान की वापसी करवा दी थी. अमीन खान और हरीश चौधरी के बीच पुरानी राजनीतिक अदावत है, जो उनकी वापसी में बाधा बन रही है. अमीन खान का आरोप है कि हरीश चौधरी और सुखजिंदर सिंह रंधावा उनकी वापसी में अड़चनें पैदा कर रहे हैं.

अमीन खान को लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण कांग्रेस से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था. उन पर निर्दलीय प्रत्याशी रविंद्र सिंह भाटी का समर्थन करने का आरोप लगाया गया था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई. अमीन खान बाड़मेर की शिव विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रहे हैं और 2008 में गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे.

निष्कासन के बाद की प्रतिक्रिया
निष्कासन के बाद अमीन खान ने नाराजगी जताई थी, और रविंद्र सिंह भाटी ने अमीन खान के निष्कासन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि अमीन खान का उनके लिए समर्थन करना उनके लिए एक बड़ा आशीर्वाद है और वे उनका आभारी हैं. भाटी ने कहा, "उनका अहसान है, जिसमें मैं ताउम्र नहीं भूल सकूंगा. जब भी मौका मिलेगा तो मैं उनके और उनके परिवार के लिए जरूर मदद करूंगा".

कांग्रेस में वापसी
हालांकि, अब अमीन खान का निष्कासन वापस ले लिया गया है, और वे फिर से कांग्रेस में शामिल हो गए हैं. प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं. अमीन खान की वापसी को आगामी चुनावी चुनौतियों से पहले प्रभावशाली नेताओं के साथ सुलह के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है.


अमीन खान कांग्रेस में वापसी के प्रयास कर रहे थे, और हाल ही में बाड़मेर में आयोजित कांग्रेस की जनसभा में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात का प्रयास किया था. हालांकि, नेताओं के निर्धारित रूट में बदलाव के कारण मुलाकात नहीं हो सकी, जिससे अमीन खान के समर्थकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. अब अमीन खान का निष्कासन वापस ले लिया गया है, जिससे उनके समर्थकों में खुशी की लहर है.

अमीन खान की कांग्रेस में वापसी को आगामी चुनावी चुनौतियों से पहले प्रभावशाली नेताओं के साथ सुलह के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है. अमीन खान और हरीश चौधरी के बीच पुरानी राजनीतिक अदावत है, जो उनकी वापसी में बाधा बन रही थी. अमीन खान का आरोप है कि हरीश चौधरी और सुखजिंदर सिंह रंधावा उनकी वापसी में अड़चनें पैदा कर रहे थे. अब देखना यह है कि अमीन खान की वापसी से कांग्रेस को कितना फायदा होता है.

राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan Newsऔर पाएं Jaipur Newsकी हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!


ट्रेंडिंग न्यूज़

About the Author

Ansh Raj

Ansh Raj

अंश राज, Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत है. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर पैनी नजर रखते हैं. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर की खबरों में खास दिलचस्पी. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनाव और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बयान पर नजर. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करने में मजा आता है. इसके अलावा कंटेंट को पैकेजिंग करके परोसना इनकी खासियत है. डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव. इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है और वर्तमान में मेरठ कॉलेज से LLB की पढ़ाई कर रहे हैं. खबरों की गंध सूंघने और उसे सबसे पहले, सबसे तेज परोसने का जुनून. यही अंश राज हैं