
Jaipur News: विधानसभा में सोमवार को कोयला घोटाले की जांच की मांग पर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर घिर गए. कांग्रेस विधायक मामले की जांच करने की मांग का नागर कोई जवाब नहीं दे पाए से सदन में शोरगुल और हंगामा की स्थिति बनी. इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के अगला प्रश्न पुकारने के कारण मामला शांत हो पाया.
प्रश्न कल के दौरान कांग्रेस विधायक रामकेश मीणा ने राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम में विद्युत उत्पादन को लेकर सवाल लगाया. मीणा ने सवाल किया कि राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम में पिछले 5 साल में प्रत्येक प्लांट में कितना कितना उत्पादन हुआ. इसके लिए कहां से कब-कब इतना कोयला किस कीमत पर लिया गया.
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इस दौरान कितना घाटा हुआ.
रामकेश मीणा ने कहा कि मंत्री ने गोल-मोल कर जवाब दिया है. हमारे प्लांट 50% से कम क्षमता का उत्पादन कर रहे हैं. विद्युत उत्पादन निगम का घाटा 3, 812 करोड़ को पार कर गया है. उत्पादन निगम में जॉइंट वेंचर करके अडानी की कंपनी को कॉल ब्लॉक दे दिए. 25 मार्च 2013 से आज तक पीकेसीएल कंपनी को कोल ब्लॉक की जीसीबी जांच पर क्या रही है.
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ऊर्जा मंत्री हीरालाल नगर ने जवाब देते हुए कहा, इसका मुख्य कारण उत्पादन कम होना है. उत्पादन कम होने का मुख्य कारण परसा कोल ब्लॉक में 2013 से उत्पादन कम हो रहा है. छत्तीसगढ़ और राजस्थान सरकार में समन्वय के अभाव में माइंस बंद रही. हमारी सरकार ने आते ही प्रयास करके उसे चालू करवाया.
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मंत्री नागर ने कहा, 2013 से उत्पादन निरंतर हो रहा था . 2022 में इसकी छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई , लेकिन वर्ष 2023_24 में उपलब्ध नहीं हो पाई.
कोल इंडिया से हमें 40% अधिक कीमत पर कोयला लेना पड़ा इससे घाटा हुआ. हीरालाल नागर ने आरोप लगाया कि आपके समय हुए घोटाले से यह स्थिति बनी है. आप चर्चा करा कर देख लें घाटा हुआ है.
रामकेश मीणा ने कहा कि 2003 में तो हमारी नहीं वसुंधरा सरकार थी. वसुंधरा सरकार ने अदानी को ही कोल ब्लॉक दिया था, रामकेश मीणा ने जीसीबी से कोयला आया उसकी जांच करने की मांग की. मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि जीसीबी की जांच निरंतर लगातार हो रही है जांच में कोयले की घटिया क्वालिटी मिलने पर पेमेंट कम होता है.
इस बीच नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि सरकार जांच करने का आश्वासन क्यों नहीं दे रही है? कोयला घोटाले की जांच को लेकर मांग को लेकर जवाब क्यों नहीं दिया जा रहा है. हालांकि मंत्री नागर ने कहा कि जिस मामले की जांच की बात करें वो करवाने के लिए तैयार है. इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य खड़े होकर जोर जोर से बोलने लगे. सदन हो हल्ला बढ़ता देख कर विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने अगला सवाल पुकार लिया.