जल जीवन मिशन के बाद अब AMRUT 2.0 में फर्जीवाड़ा! सरकार ने तलब की रिपोर्ट

Rajasthan News: अमृत 2.0 में झूठ प्रमाण पत्र के मामले में राज्य सरकार ने रिपोर्ट तलब की है. जी मीडिया द्वारा खबर प्रसारित करने के दो दिन बाद ही रिपोर्ट मांगी है. जानिए पूरा मामला, इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में...

जल जीवन मिशन के बाद अब AMRUT 2.0 में फर्जीवाड़ा! सरकार ने तलब की रिपोर्ट
Image Credit: Amrit 2.0

Rajasthan News: जी मीडिया ने जल जीवन मिशन के बाद अमृत 2.0 में फर्जीवाड़े का खुलासा किया. इस पोल खोल रिपोर्ट के बाद हलचल तेज हो गई है. जी मीडिया पर खबर प्रसारित करते ही राज्य सरकार ने रिपोर्ट तलब की है. मुख्य सचिव सुधांश पंत ने जलदाय विभाग के एसीएस भास्कर ए सावंत ने रिपोर्ट तलब की है. मैसर्स कैलाश चंद चौधरी ने JJM-अमृत 2.0 में टैंडरों में झूठे प्रमाण पत्र लगाए थे. जी मीडिया ने दो दिन पहले ही झूठे प्रमाण पत्र की खबर प्रमुखता से प्रसारित की थी.

अमृत और जल जीवन मिशन के एमडी कमर उल जमान चौधरी ने रिपोर्ट सौंप दी है, जिसके बाद मुख्य सचिव सुधांश पंत को पूरी तथ्यात्मक रिपोर्ट भेजी है. एडिशनल चीफ इंजीनियर राज सिंह चौधरी ने मैसर्स कैलाश चंद चौधरी को झूठा प्रमाण पत्र जारी किया था. सीएस ने विभाग की एक मीटिंग में पहले ही सख्त हिदायत दी थी कि अमृत योजना कही जल जीवन मिशन ना बन जाए,इस बात का ध्यान रखना होगा.

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काम पुराना, अनुभव नया
मैसर्स कैलाश चंद चौधरी का सबलैट कार्य अनुभव प्रमाण पत्र झूठा ही नहीं, बल्कि पुराना भी निकला. मैसर्स चौधरी को 11 जुलाई 2022 को फागी में हुए कार्य का अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया, जिसमें 80 लाख लीटर का स्वच्छ जलाशय (CWR), किरातपुरा में बने 20 लाख लीटर का स्वच्छ जलाशय और उच्च जलाशय (OHSR) की डिजाइन कंस्ट्रक्शन-कमीशनिंग, 50 किलोमीटर की डीआई पाइप लाइन का काम करना बताया. लेकिन जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि स्वच्छ जलाशय और उच्च जलाशय कैलाश चंद चौधरी को कार्य सबलैट 26 जून 2019 से पहले ही बन गए थे यानी काम से पहले ही अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया गया. मैसर्स प्रतिभा इंडस्ट्रीज ने अपने स्वयं के स्तर पर ही मैसर्स कैलाश चंद चौधरी को निविदा शर्तों से परे सीधे ही बिना सक्षम स्तर पर 6 कार्यादेश जारी किए गए थे.

पावरफुल इंजीनियर पर गिर सकती गाज
पूरे मामले में अब राज्य सरकार ने रिपोर्ट तलब कर दी है. अब जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी की मुहर के बाद दोषी अफसरों और फर्म पर गाज गिर सकती है. चीफ इंजीनियर स्पेशल प्रोजेक्ट राजसिंह चौधरी ने फर्जी प्रमाण पत्र जारी किया था. ऐसे में अब सबसे पावरफुल इंजीनियर पर भी जल मंत्री कार्रवाई कर सकते है.

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Pratiksha Maurya

Pratiksha Maurya

मैं प्रतीक्षा मौर्या जी राजस्थान न्यूज में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं और राजस्थान से जुड़ी हर बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी न्यूज पर पकड़ रखती हूं . मुझे डिजिटल मीडिया का 2 साल से ज्यादा का अनुभव है. इससे पहले मैं जी बिहार में अपनी सेवाएं दे चुकी हूं.