Patwari Exam में उठने लगी नॉर्मलाइजेशन की मांग, जानिए क्या फंस रहा है पेंच
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Patwari Exam में उठने लगी नॉर्मलाइजेशन की मांग, जानिए क्या फंस रहा है पेंच

23 और 24 अक्टूबर को पटवारी भर्ती परीक्षा का आयोजन होने जा रहा है. परीक्षा में करीब 15 लाख 63 हजार परीक्षार्थी हैं और परीक्षा का आयोजन दो दिनों में 4 चरणों में होने जा रहा है. 

Patwari Exam में उठने लगी नॉर्मलाइजेशन की मांग, जानिए क्या फंस रहा है पेंच

Jaipur : 23 और 24 अक्टूबर को पटवारी भर्ती परीक्षा का आयोजन होने जा रहा है. परीक्षा में करीब 15 लाख 63 हजार परीक्षार्थी हैं और परीक्षा का आयोजन दो दिनों में 4 चरणों में होने जा रहा है. ऐसे में एक बार फिर से चरणों में आयोजित हो रही परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन (Demand for normalization) की मांग उठने लगी है. बोर्ड की ओर से फिलहाल नॉर्मलाइजेशन को लेकर कोई तैयारी नहीं है, लेकिन परीक्षार्थी अभी से नॉर्मलाइजेशन की मांग तेज करने लगे हैं.

साल 2018 में आयोजित हुई एलडीसी भर्ती परीक्षा (LDC Recruitment Exam) चार चरणों में आयोजित हुई और इस परीक्षा के बाद सबसे बड़े सवाल उठे थे नॉर्मलाइजेशन पर. पहले चरण में जो अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए उन्होंने नॉर्मलाइजेशन की मांग उठाई, लेकिन ये मांग सिर्फ मांग बनकर ही रह गई. ऐसे में एक बार फिर से चार चरणों में आयोजित होने वाली पटवारी भर्ती परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन की मांग तेज होने लगी है, जिसकी वजह है बाद में आयोजित होने वाली चरणों की परीक्षा में पेपर का पैटर्न का बाद में परीक्षा में शामिल होने वाली परीक्षार्थियों को पता चलना. साथ ही पेपर का आसान आना.

पटवारी भर्ती परीक्षा में उठने लगी नॉर्मलाइजेशन की मांग
23 और 24 अक्टूबर को दो दिनों में चार चरणों में होगी परीक्षा
ऐसे में पेपर के नॉर्मलाइजेशन को लेकर परीक्षार्थी उठाने लगे मांग
2018 में आयोजित हुई एलडीसी भर्ती में भी नॉर्मलाइजेशन की उठी थी मांग
लेकिन उस समय मांग को लेकर नहीं उठाए गए कोई कदम
अब फिर से पटवारी भर्ती परीक्षा में उठने लगी नॉर्मलाइजेशन की मांग

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बेरोजगारों की लम्बे समय से मांग होने के बाद भी अभी तक राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित हो रही पटवारी भर्ती परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन को लेकर कोई रणनीति तैयार नहीं की गई है. जबकि बोर्ड द्वारा अभी भी परीक्षा के बाद की स्थिति पर विचार करने की बात कही जा रही है. बोर्ड अध्यक्ष हरि प्रसाद शर्मा का कहना है कि "फिलहाल नॉर्मलाइजेशन को लेकर बोर्ड की ओर से कोई तैयारी नहीं है, लेकिन परीक्षा आयोजन के बाद कमेटी द्वारा पेपर्स को लेकर मंथन किया जाएगा और जरुरत पड़ी तो नॉर्मलाइजेशन का फार्मूला तैयार कर उसको लागू किया जाएगा."

नॉर्मलाइजेशन को लेकर अगर एक्सपर्ट की बात की जाए तो परीक्षा से पहले ही नॉर्मलाइजेशन का फार्मूला तय करने की बात सामने आती है,,एक्सपर्ट अरुण ढाका का कहना है कि "2018 में आयोजित हुई एलडीसी भर्ती में नॉर्मलाइजेशन नहीं होने से सैंकड़ों अभ्यर्थियों को इसका नुकसान हुआ था. ऐसे में बोर्ड की नॉर्मलाइजेशन का फार्मूला पहले ही तय करना चाहिए,जिसकी वजह है कि पहले चरण में जो परीक्षार्थी शामिल होते हैं उनको ना तो पेपर के पैटर्न का पता होता है सवालों का पैटर्न, ऐसे में जब अगले चरणों की परीक्षा आयोजित होती है तो परीक्षार्थियों को पेपर के पैटर्न सहित पूछे जाने वाले सवालों का पैटर्न भी पता चल जाता है. ऐसे में बोर्ड को इस समस्या से बचने के लिए नॉर्मलाइजेशन का फार्मूला परीक्षा से पहले ही तैयार करना चाहिए. केन्द्र द्वारा आयोजित परीक्षाओं में पहले ही नॉर्मलाइजेशन का फार्मूला तय किया जाता है जिससे उन परीक्षाओं में विवाद की स्थिति नहीं बनती है."

पटवारी परीक्षा में शामिल होने जा रहे अभ्यर्थी सुनील दोराया और शैलेन्द्र मेघवंशी का कहना है कि "विभिन्न चरणों में आयोजित होने वाली परीक्षा में अगर पहले से ही नॉर्मलाइजेशन का फार्मूला तय कर लिया जाता है तो परीक्षार्थियों को इसका फायदा मिलेगा. क्यूंकि पहले चरण में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को हमेशा नुकसान होता है. परीक्षार्थियों को इस नुकसान से बचाने के लिए बोर्ड को पहले ही तैयारी करनी चाहिए."

बहरहाल, बोर्ड द्वारा फिलहाल नॉर्मलाइजेशन फार्मूले को लेकर तैयारियां नहीं की गई है, तो वहीं बोर्ड परीक्षा के बाद आवश्यकता पड़ने पर नॉर्मलाइजेशन फार्मूला तैयार करने की बात भी कह रहा है, लेकिन जब 2018 में एलडीसी भर्ती परीक्षा आयोजित हुई थी. उस समय भी नॉर्मलाइजेशन की मांग पूरजोर तरीके से उठी थी, लेकिन इस पर कोई कदम नहीं उठाए गए थे.

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