Jaipur ग्रेटर में 'दूर की कौड़ी' साबित हो रहे विकास कार्य, BJP पार्षद-विधायक नाखुश

नगर निगम ग्रेटर में आयुक्त से मारपीट के मामले में सौम्या गुर्जर को निलंबित कर दिया गया. कार्यवाहक के तौर पर शील धाभाई को कमान सौंपी गई.

Jaipur ग्रेटर में 'दूर की कौड़ी' साबित हो रहे विकास कार्य, BJP पार्षद-विधायक नाखुश
प्रतीकात्मक तस्वीर.

Jaipur: नगर निगम ग्रेटर में इन दिनों सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. सौम्या गुर्जर (Somya Gurjar) के मेयर पद से निलंबित होने के बाद शील धाभाई (Sheel Dhabhai) को नगर निगम ग्रेटर की कार्यवाहक के तौर पर कमान दी गई लेकिन उनके कार्यकाल में भी उनकी ही पार्टी के भाजपा के पार्षद सहित विधायक नाखुश हैं. जयपुर नगर निगम ग्रेटर (Jaipur Municipal Corporation Greater) में विकास कार्य 'दूर की कौड़ी' साबित हो रहे हैं.

यह भी पढे़ं- राष्ट्रवादी संगठनों और BJP के खिलाफ साजिश रच रहे हैं CM अशोक गहलोत: पूनिया

 

नगर निगम ग्रेटर में आयुक्त से मारपीट के मामले में सौम्या गुर्जर को निलंबित कर दिया गया. कार्यवाहक के तौर पर शील धाभाई को कमान सौंपी गई. सात दिन में शहर को बदलने के दावे किए गए लेकिन उनकी पार्टी के विधायक और पार्षद शहर में चौपट पड़ी सफाई व्यवस्था से नाखुश हैं. जगह-जगह कचरे का ढेर लगा हुआ हैं. सीवरेज चौक है. वार्डों में विकास कार्यों पर पूरी तरह से ब्रेक लगा हुआ है, जो फैसले सौम्या गुर्जर ने अपने कार्यकाल में कार्यकारिणी की बैठक में लिए उनका कोई अता-पता नही है.

यह भी पढे़ं- पूर्व मेयर सौम्या गुर्जर के पति की नहीं थम रही मुश्किलें! पुलिस कस्टडी एक दिन और बढ़ी

 

कार्यकारिणी समिति की बैठक में हर वार्ड में 50 लाख रुपये के विकास कार्य कराने को लेकर प्रस्ताव पास किया गया था लेकिन तीन महीने से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी निगम प्रशासन वार्डों में विकास के काम शुरू नहीं कर पाया है. अब मानसून शुरू हो चुका है, ऐसे में विकास के लिए लंबा इंतजार करना होगा.

प्रत्येक वार्ड में करवाए जाएंगे विकास कार्य 
निलंबित महापौर सौम्या गुर्जर की अध्यक्षता में 19 अप्रैल को ग्रेटर नगर निगम मुख्यालय में हुई बैठक में तय किया गया था कि 50-50 लाख के विकास कार्य प्रत्येक वार्ड में करवाए जाएंगे. साथ ही 5 लाख के कार्य उद्यानों में कराए जाएंगे, जिसमें उद्यानों की बाउंड्रीवॉल और अन्य सिविल कार्य होना था. बैठक में 100-100 रोड लाइट्स वार्ड में लगवाने का फैसला भी हुआ था मगर तीन महीने का समय बीत जाने के बाद भी विकास कार्य शुरू नहीं हो सके हैं. यही नहीं 100 की जगह रोड लाइट्स की संख्या को भी घटाकर 83 कर दिया गया है.

गौरतलब है कि इस पैसे से वार्डों में सड़क, नाली, सीवरेज सहित कई अन्य विकास कार्य कराए जाने थे. ज्यादातर काम सड़क और नाली से संबंधित था. यह काम नहीं होने के कारण बारिश के दौरान शहर के कई इलाकों में हालात बदतर हो रहे हैं. वहीं जेडीए और नगर निगम के बीच तालमेल नहीं होने के कारण भी कई जगहों पर काम अटका पड़ा है.

बहरहाल, लोन पर निगम प्रशासन की चुप्पी हुडको 500 करोड़ रुपये के लोन के संबंध में भी स्थिति साफ नहीं है. लोन अप्रूव हो चुका है, लेकिन अभी तक पैसे मिले या नहीं. इसे लेकर निगम चुप्पी साधे हुए हैं. कार्यकारिणी समिति की बैठक में इस लोन के आधार पर ही विकास कार्य को लेकर प्रस्ताव पास किया गया था.