Corona में ड्यूटी दे रहे शिक्षकों के साथ विसंगति, पनपने लगी असंतोष की भावना

कोरोना महामारी (Coronavirus) के बीच ड्यूटी दे रहे शिक्षकों के साथ विसंगति है. महिला और बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हो या सहायिका, स्वास्थ्य विभाग में स्वास्थ्य कार्यकर्ता या मितानिन ही क्यों न हों, इन्हें कोरोना वॉरियर के रूप में प्रथम पंक्ति में रखा है. 

Corona में ड्यूटी दे रहे शिक्षकों के साथ विसंगति, पनपने लगी असंतोष की भावना
फाइल फोटो

Jaipur : कोरोना महामारी (Coronavirus) के बीच ड्यूटी दे रहे शिक्षकों के साथ विसंगति है. महिला और बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हो या सहायिका, स्वास्थ्य विभाग में स्वास्थ्य कार्यकर्ता या मितानिन ही क्यों न हों, इन्हें कोरोना वॉरियर के रूप में प्रथम पंक्ति में रखा है. कोई भी स्वास्थ्य केन्द्र हो या कोविड टीकाकरण केन्द्र, कंटेनमेंट जोन हो या शहर अथवा गांव के बाहर लगाए गए बैरियर के साथ ही गांव-गांव में घर-घर जाकर सर्वे कर कोविड टीकाकरण कराने लोगों को वैक्सीनेशन के लिए तैयार करने तक का काम शिक्षकों (Corona Warriors) को सौंपा है.

जबकि इसके लिए उन्हें न तो किसी तरह की ट्रेनिंग दी गई है और न ही कोई कोर्स कराया गया. बीमा और सुरक्षात्मक उपकरण तो दूर की बात है. इस स्थिति में अगर किसी शिक्षक (Teachers ) के साथ कोई अनहोनी होती है तो उसके परिवार का तो पूरा सपना ही बिखर जाएगा. इन विसंगतियों को देखते हुए शिक्षकों में अब असंतोष की भावना पनपने लगी है.

यह भी पढ़ें- Covid प्रबंधन को लेकर BJP ने राजस्थान सरकार पर बोला हमला, कहा- CHC-PHC पर हो इलाज

शिक्षक इन कार्यों को बखूमी दे रहे अंजाम
प्रत्येक ग्राम पंचायत पर प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में गठित कोर कमेटी का क्रियान्वयन
स्वास्थ्य कर्मियों के साथ गांवों का स्वास्थ्य सर्वे
होम क्वॉरंटीन किए गए लोगों पर निगरानी
बाहरी लोगों की सूचनाएं एकत्रित करना और जिला प्रशासन को अवगत कराना
संस्थागत क्वॉरंटीन केन्द्रों पर 24 घंटे व्यवस्थाएं संभालना
नगर परिषद एवं नगर पालिका क्षेत्रों में जरूरतमंदों को राशन वितरण में योगदान
जिला कलक्ट्रेट एवं उपखण्ड कार्यालय समेत विभिन्न स्थानों पर विभिन्न कार्यों में सहयोग
जालोर, सिरोही, जोधपुर, अजमेर, नागौर समेत जिलों की चेक पोस्ट पर तैनात

70 फीसदी शिक्षकों की फील्ड में ड्यूटी लगी हुई है. ग्राम पंचायतों पर स्वास्थ्य सर्वे में सहयोग कर रहे हैं. क्वॉरंटीन सेंटर और चैकपोस्ट में भी शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. कलक्ट्रेट और उपखण्ड कार्यालय समेत अन्य कई जगह शिक्षकों की ड्यूटी लगी हुई है, लेकिन इन शिक्षकों को ना तो सुरक्षा संसाधन दिए गए हैं और ना ही उनका वैक्सीनेशन तक किया गया है. इतने बड़े पैमाने पर जोखिम भरे काम में लगे शिक्षकों को कोरोना वॉरियर नहीं माना गया है. जबकि कोरोना टीकाकरण के लिए एक्टिव सर्विलेंस टीम के रूप में शिक्षकों को दल प्रभारी बनाया गया है.

राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश मंत्री अंजनी शर्मा का कहना है कि "कोरोना ड्यूटी में लगे हुए शिक्षकों को ना तो सुरक्षा के संसाधन उपलब्ध करवाये गए हैं और ना ही अभी तक शिक्षकों का वैक्सीनेशन हुआ है. ऐसे में अगर ड्यूटी के दौरान शिक्षक इस बीमारी को अपने साथ घर लेकर चले गए तो उनके पूरे परिवार पर संकट आ सकता है. ऐसे में कोरोना ड्यूटी में लगे शिक्षकों का जल्द से जल्द वैक्सीनेशन करवाया जाए साथ ही उनको सुरक्षा के समुचित संसाधन भी उपलब्ध करवाए जाए."

यह भी पढ़ें- बढ़ते Covid संक्रमण को लेकर हालात चिंताजनक, BJP प्रवक्ता Ramlal Sharma ने रखी यह मांग