Rajasthan के उपभोक्ताओं का इस साल नहीं बढ़ेगा बिजली बिल, विभाग ने लिया बड़ा फैसला
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Rajasthan के उपभोक्ताओं का इस साल नहीं बढ़ेगा बिजली बिल, विभाग ने लिया बड़ा फैसला

राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग (Rajasthan Electricity Regulatory Commission) ने बिजली टैरिफ रिवाइज करने की याचिकाओं पर निर्णय सुनाया है.

Rajasthan के उपभोक्ताओं का इस साल नहीं बढ़ेगा बिजली बिल, विभाग ने लिया बड़ा फैसला

Jaipur: राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग (Rajasthan Electricity Regulatory Commission) ने बिजली टैरिफ रिवाइज करने की याचिकाओं पर निर्णय सुनाया है.

जयपुर (Jaipur), जोधपुर (Jodhpur) और अजमेर डिस्कॉम (Ajmer DISCOM) की याचिकाओं का निस्तारण कर आम उपभोक्ताओं पर बिजली दर नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया है. बिजली कंपनियों ने 4 साल के लिए याचिका दायर की थी लेकिन आयोग ने वर्ष 2020-21 और 2022 की याचिका पर ही विचार किया. बड़े उद्योग और ईवी चार्जिंग स्टेशन पर सुबह 6 से लेकर 10 बजे तक 5 प्रतिशत प्रति यूनिट अधिभार लगाया है.

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बिजली उपभोक्ताओं के इस साल नहीं बढ़ेंगे बिजली के दाम
राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग ने फाइनल किया टैरिफ आदेश
बिजली कंपनियों ने 4 साल के लिए दायर की थी ARR
लेकिन आयोग ने वर्ष 2020-21 और 2022 की याचिका पर ही किया विचार
आयोग ने स्थाई शुल्क में बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव को किया खारिज  
घरेलू-अघरेलू, सार्वजनिक स्ट्रीट लाइट, कृषि, सभी उद्योग
इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन सहित सभी श्रेणियों में नहीं बढ़ाई दरें
सार्वजनिक पूजा स्थलों पर संचालित धर्मशालाओं लगेगा अब घरेलू चार्ज
आयोग ने डिस्कॉम के लोड मैनेजमेंट को देखते हुए लिया निर्णय
बड़े उद्योग-ईवी चार्जिंग स्टेशनों के लिए टीओडी टैरिफ में पीक ऑवर्स  लगेगा सरचार्ज
सुबह छह से सुबह दस बजे तक पांच फीसदी का सरचार्ज जरूर लगाया

बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर
राजस्थान के आम बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है. राजस्थान के उपभोक्ताओं का फिलहाल बिजली बिल नहीं बढ़ेगा. दरअसल, डिस्कॉम ने अपनी चार साल की वार्षिक राजस्व आवश्यकता यानी एआरआर में स्थाई शुल्क में बढ़ोत्तरी और एनर्जी चार्ज को कम करने का प्रस्ताव दिया था लेकिन राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली कंपनियों के स्थाई शुल्क में बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव को नए टैरिफ आदेश में खारिज कर दिया है.
आयोग ने चार साल में से वर्ष 2020-21 और 2022 की याचिका पर ही विचार किया है. राजस्थान राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने डिस्कॉम के फिक्स चार्ज में वृद्धि के प्रस्ताव को खारिज कर दिया. आयोग ने प्रस्ताव को ख़ारिज करने के पीछे कोविड का प्रभाव, फिक्स चार्ज से संभावित व्यवहारिक कठिनाई और राजस्व अंतराल का हवाला दिया.  

इन्हें राहत -
1. घरेलू-अघरेलू, सार्वजनिक स्ट्रीट लाइट, कृषि, सभी उद्योग, इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन सहित सभी श्रेणियों में दर नहीं बढ़ेगी.
2. सार्वजनिक पूजा स्थल परिसर स्थित धर्मशालाओं में घरेलू विद्युत दर ही लगेगी. अभी कॉमर्शियल दर से बिल भेजे जा रहे थे.
3. सिलिकोसिस पीडितों को बीपीएल श्रेणी में शामिल किया गया है और उन्हें भी उसी दर पर बिजली मिलेगी. आयोग ने इसके लिए राजस्थान न्यूमोकोनियोसिस नीति 2019 का हवाला दिया है. नीति के तहत सिलिकोसिस पीडित आस्था कार्ड के लिए पात्र हैं. आस्था कार्डधारियों को बीपीएल श्रेणी में ही है.

पीक ऑवर्स में पांच फीसदी का सरचार्ज लगाया गया

आदेश के तहत घरेलू-अघरेलू, सार्वजनिक स्ट्रीट लाइट, कृषि, सभी उद्योग, इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन सहित सभी श्रेणियों में दरें नहीं बढ़ाई है. इसके साथ ही सार्वजनिक पूजा स्थलों पर संचालित धर्मशालाओं पर घरेलू टैरिफ और सिलिकोसिस पीड़ितों को BPL टैरिफ लागू की है हालांकि, आयोग ने डिस्कॉम के लोड मैनेजमेंट को देखते हुए बड़े उद्योग-ईवी चार्जिंग स्टेशनों के लिए टीओडी टैरिफ में पीक ऑवर्स में सुबह छह से सुबह दस बजे तक में पांच फीसदी का सरचार्ज जरूर लगाया गया है.

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