14 साल बाद भी पंचायत सहायक नहीं हुए नियमित, अब फिर से खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा
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14 साल बाद भी पंचायत सहायक नहीं हुए नियमित, अब फिर से खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा

राजस्थान में एक बार फिर से पंचायत सहायकों ने हुंकार भरी है. नियमितीकरण (Regularization) की मांग को लेकर फिर पंचायत सहायकों ने मोर्चा खोल दिया है.

14 साल बाद भी पंचायत सहायक नहीं हुए नियमित, अब फिर से खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा

Jaipur : राजस्थान में एक बार फिर से पंचायत सहायकों ने हुंकार भरी है. नियमितीकरण (Regularization) की मांग को लेकर फिर पंचायत सहायकों ने मोर्चा खोल दिया है. प्रदेशभर के पंचायत सहायक अनिश्चितकालीन हडताल पर बैठ गए हैं.

कांग्रेस ने घोषणा पत्र में किया वादा पूरा नहीं किया
राजस्थान की पंचायतों काम करने वाले पंचायत सहायकों (Panchayat assistants ) ने एक बार फिर से अपना काम छोड दिया है. नियमित्तीकरण की मांग को लेकर पंचायत सहायकों ने जयपुर कूच कर दिया है. शहीद स्मारक पर पंचायत सहायकों ने नियमित करने की मांग को लेकर अनिश्चिकाल हड़ताल पर बैठ गए हैं. 14 साल से पंचायत सहायकों का आंदोलन चल रहा है. कांग्रेस (Congress) ने अपने घोषणा पत्र में चुनाव से पहले नियमित करने का वादा भी किया, लेकिन इसके बावजूद भी अब तक नियमित नहीं किया गया. राजस्थान विघार्थी मित्र पंचायत सहायक संघ के संयोजक रामजीत पटेल का कहना है कि लगातार आंदोलन किए, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने हमारी मांगे नहीं मानी.

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ये भी मांगे है पंचायत सहायकों की
नियमीत्तिरण की मांग के साथ साथ पंचायत सहायकों की मांग है कि शिक्षा सहायक भर्ती को आंशिक परिवर्तन के साथ रिओपन किया जाए या अन्य भर्ती निकाली जाए, ताकि समस्त संविदा कर्मियों को स्थाई रोजगार उपलब्ध हो सके. इसके अलावा पंचायतराज परिषद द्धारा पंचायत सहायक पद बढाने के प्रस्ताव को स्वीकार कर 6 हजार वंचित विघार्थी मित्रों को पंचायत सहायक पद पर नियुक्ति दी जाए. जब तक स्थाई समाधान नहीं होता है, तब तक न्यूनतम मानदेय 18 हजार किया जाए. इसके साथ साथ पंचायक सहायकों के आकस्मिक अवकाश और प्रसूताओं को अवकाश का लाभ देय हो. वहीं, विघार्थी मित्रों पर दर्ज पुराने मुकदमों को भी वापस लेने की मांग की है.

ऐसे में अब देखना यह होगा कि पंचायत सहायकों का आंदोलन कब तक चलता है और कब सहायक नियमित होता है.

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