Sambhar Lake: राजस्थान की सबसे बड़ी खारे पानी की झील सांभर झील को अब सिर्फ नमक उत्पादन के लिए नहीं, बल्कि विदेशी प्रवासी पक्षियों, खासकर फ्लेमिंगो (राजहंस) के ठहराव स्थल के रूप में भी पहचाना जाने लगा है.
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Jaipur Sambhar Lake: राजस्थान की सबसे बड़ी खारे पानी की झील सांभर झील को अब सिर्फ नमक उत्पादन के लिए नहीं, बल्कि विदेशी प्रवासी पक्षियों, खासकर फ्लेमिंगो (राजहंस) के ठहराव स्थल के रूप में भी पहचाना जाने लगा है. आमतौर पर सर्दियों में लाखों की संख्या में फ्लेमिंगो यहां आते हैं, लेकिन इस बार गर्मियों के मौसम में भी बड़ी संख्या में ये खूबसूरत परिंदे यहां देखे जा रहे हैं.
सेंट्रल एशियन फ्लाईवे, यानी एशिया की प्रमुख प्रवासी पक्षियों की उड़ान-पथ पर स्थित सांभर झील, हमेशा से प्रवासी पक्षियों की पसंदीदा जगहों में से एक रही है. इन दिनों गुलाबी रंगत वाले फ्लेमिंगो हजारों किलोमीटर का सफर तय कर सांभर पहुंच रहे हैं और गर्मियों में इनका यूं जुटना पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. ग्रेटर और लेसर फ्लेमिंगो की अठखेलियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में सैलानी झील की तरफ रुख कर रहे हैं.
फ्लेमिंगो का हजारों किलोमीटर का सफर
ऐसा माना जाता है कि ये पक्षी रूस, मंगोलिया और साइबेरिया जैसे सुदूर देशों से लंबी यात्रा करके सांभर आते हैं. खारे पानी की इस झील में भरपूर मात्रा में शैवाल (एल्गी) और सूक्ष्म जीव मिलते हैं, जो इनका मुख्य आहार हैं. आमतौर पर ये पक्षी सितंबर-अक्टूबर से लेकर फरवरी-मार्च तक सांभर में डेरा डालते हैं, लेकिन कुछ प्रजातियां साल भर यहां देखी जा सकती हैं, जिनमें फ्लेमिंगो सबसे प्रमुख हैं.
फ्लेमिंगो की दो प्रजातियां
पक्षी विशेषज्ञ मनोज कुलश्रेष्ठ के अनुसार, सांभर झील प्रवासी पक्षियों का एक बेहद महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास है. यहां फ्लेमिंगो की दो प्रजातियां पाई जाती हैं – ग्रेटर फ्लेमिंगो और लेसर फ्लेमिंगो. लेसर फ्लेमिंगो की ऊंचाई लगभग ढाई से साढ़े तीन फीट होती है और इनके पंखों सहित शरीर पर गुलाबी रंग प्रमुख होता है. वहीं ग्रेटर फ्लेमिंगो लगभग पांच फीट तक ऊंचा होता है और इसका रंग हल्का सफेद होता है.
रामसर साइट और फिल्मों की शूटिंग स्पॉट
स्थानीय निवासी और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष विनोद कुमार सांवरिया बताते हैं कि सांभर झील 240 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई है और यह रामसर साइट (अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि) के रूप में चिन्हित है. यह एक प्राकृतिक खारी झील है, जो प्रवासी पक्षियों को भरपूर भोजन देती है. इसी वजह से यहां विदेशी पक्षियों की भरमार रहती है और पर्यटक भी बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं. कई फिल्मी दृश्य और विज्ञापन भी इसी झील के इर्द-गिर्द फिल्माए जाते हैं.
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