जयपुर से 10 KM दूर है यह प्राचीन तीर्थ स्थल, जहां कभी ऋषि गालव ने की थी तपस्या

Rajasthan Temple: जयपुर का गलता जी एक प्राचीन तीर्थस्थल है, जिसे 'बंदर मंदिर' भी कहते हैं. यह गालव ऋषि की तपोस्थली है, जहां एक प्राकृतिक झरने से पवित्र कुंड भरता है. यहां से सूर्य मंदिर और सूर्यास्त का नज़ारा मनमोहक होता है.

जयपुर से 10 KM दूर है यह प्राचीन तीर्थ स्थल, जहां कभी ऋषि गालव ने  की थी तपस्या
Image Credit: Monkey Temple Jaipur

Galta Ji Temple Jaipur: राजस्थान की राजधानी जयपुर से लगभग 10 किलोमीटर पूर्व में स्थित गलता जी एक प्राचीन और अत्यंत पवित्र तीर्थ स्थान है, जिसे स्थानीय रूप से 'बंदर मंदिर' (मंकी टेंपल) के नाम से भी जाना जाता है. यह स्थान न केवल अपनी धार्मिक पवित्रता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहां का प्राकृतिक सौंदर्य और उछलते-कूदते बंदरों का बड़ा समूह इसे पर्यटकों के लिए बेहद आकर्षक बनाता है.

गालव ऋषि की तपोस्थली और धार्मिक महत्व
गलता जी को गालव ऋषि की तपोस्थली माना जाता है. यह मंदिर परिसर मूलतः कई मंदिरों का एक समूह है, जो अरावली पहाड़ियों के एक संकरे दर्रे के भीतर बना है. मंदिर परिसर में कई पवित्र कुंड (प्राकृतिक झरने और पानी के कुण्ड) हैं. तीर्थ यात्री इनमें स्नान करके अपने पापों को धोने के लिए यहां आते हैं. ये कुंड एक प्राकृतिक झरने से भरते हैं, जो ऊंची पहाड़ियों से नीचे बहते हुए सभी सात पवित्र कुंडों को भर देता है. सभी कुंडों में गलता कुंड को सबसे पवित्र माना जाता है. इसकी विशेष महत्ता है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि यह आज तक कभी सूखा नहीं है.

Add Zee News as a Preferred Source
Galta Ji Temple Jaipur

बंदर मंदिर और अन्य आकर्षण
तीर्थयात्री गलता जी पहुंचने के लिए सबसे पहले रामगोपाल जी मंदिर परिसर में आते हैं, जिसे यहां के निवासी 'बंदरों के एक बड़े समूह' की वजह से 'बंदर मंदिर' (गलवार बाग) कहते हैं. हरियाली का खूबसूरत नज़ारा और उछलते कूदते बंदर यहां के खुशनुमा माहौल में इजाफा करते हैं. पहाड़ी की चोटी पर दीवान कृपाराम द्वारा निर्मित सूर्य देव को समर्पित एक छोटा मंदिर है, जिसे 'सूर्य मंदिर' कहा जाता है, जो शहर के लोगों के लिए पूजनीय है.

Galta Kund Jaipur

सूर्यास्त का मनमोहक दृश्य
जयपुर शहर के पश्चिमी छोर से गलता जी तक एक पैदल यात्रा मार्ग (30-45 मिनट का) है, जो गुलाबी रंग के एक बड़े पत्थर के मेहराब से होकर शुरू होता है. इस मेहराबदार मार्ग से जयपुर शहर का नज़ारा सबसे बेहतरीन दिखता है. जो आगंतुक पैदल यात्रा नहीं कर सकते, वे मंदिर के किनारे से दरारों से होते हुए, सबसे ऊंचे पवित्र कुंड से होते हुए सूर्य मंदिर तक जाकर सूर्यास्त का मनमोहक दृश्य देख सकते हैं. इस स्थान से पूरे जयपुर की विस्तृत किलेबंदी का नज़ारा भी दिखता है.

गलता जी मंदिर में दर्शन का समय सुबह 5 बजे से शाम 9 बजे तक है.

प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. Zee Rajasthan इसकी पुष्टि नहीं करता है.

राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan News और पाएं Jaipur News हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!

ट्रेंडिंग न्यूज़

About the Author

Arti Patel

Arti Patel

आरती पटेल(Arti Patel) ज़ी राजस्थान न्यूज़ में Trainee Editor के रूप में कार्यरत हैं और भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से PG Diploma (Hindi Journalism) किया है.अपने करियर की शुरुआत उन्होंने डिजिटल मीडिया से की थी.1 साल 4 महीने के पत्रकारिता करियर में उन्होंने लोकल, क्राइम, हेल्थ, पॉलिटिकल, वायरल, ट्रैवल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न क्षेत्रों (बीट) पर काम किया है. इससे पहले वह United News of India (UNI), Delhi में इंटर्नशिप कर चुकी हैं और TV7 Bharat में Trainee Social Media Manager के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं. हेडलाइन लेखन, एडिटिंग (संपादन) और कंटेंट पैकेजिंग उनकी प्रमुख खासियत हैं.
Read More