Black Fungus दवा की उपलब्धता के लिए सरकार कर रही हर सभंव प्रयास: रघु शर्मा

Jaipur News: रघु शर्मा ने कहा कि इस सबंध में उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन को पत्र लिखकर दवा को उपलब्ध कराने की मांग की है.

Black Fungus दवा की उपलब्धता के लिए सरकार कर रही हर सभंव प्रयास: रघु शर्मा
राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री हैं रघु शर्मा. (फाइल फोटो)

Jaipur: राजस्थान सरकार ब्लैक फंगस इंफेक्शन के लिए निर्धारित औषधि की उपलब्धता के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है. स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने कहा कि ब्लैक फंगस के उपचार के काम में आने वाली दवा लाइपोजोमल एम्फोटेरिसिन बी की 50000 वाईल की राज्य को तुरंत आवश्यकता है, इस सबंध में उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन को पत्र लिखकर दवा को उपलब्ध कराने की मांग की है.

केवल 700 वाईल का कोटा 
प्रदेश में ब्लैक फंगस इंफेक्शन के रोगी तेजी से बढ़ रहे हैं. लेकिन केन्द्र सरकार की ओर से ब्लैक फंगस दवा की आपूर्ति भी अपने हाथ में लेने से दवा की उपलब्धता में परेशानी आ रही है. केंद्र सरकार की ओर से राजस्थान को 31 मई तक इस दवा के केवल 700 वाईल का कोटा ही निर्धारित किया गया है. ब्लैक फंगस इंफेक्शन के मरीज को करीब 60 वाईल की आवश्यकता होती है ऐसे में निर्धारित कोटे से केवल 10-12 मरीजों का ही इलाज हो सकेगा.

8 कंपनियों के संपर्क में
डॉ शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार अपने स्तर पर भी इस दवा को बनाने वाली कंपनियों (Cipla, Sun pharma, AHPL, Bharat Serum, Ranbaxy, Life Care, Intas, CritiCare Lab, Maylon, Celon) के संपर्क में हैं. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार व आरएमएससीएल के स्तर पर इन दवा कंपनियों के प्रमुखों से वार्ता जारी है, जिससे कि इस दवा की प्रदेश में उपलब्धता सुनिश्चित हो सके. उन्होंने कहा कि इस दवा का देश में अब तक सीमित उपयोग होता रहा है इसलिए इसका उत्पादन भी काफी कम है, जिससे कि इसकी उपलब्धता में परेशानी आ रही है. 

दो अन्य औषधियों का भी सुझाव
ब्लैक फंगस इंफेक्शन के सर्वाधिक मरीज जयपुर स्थित निजी चिकित्सालय में भर्ती है. यहां के विशेषज्ञों द्वारा लाइपोजोमल एम्फोटेरिसिन बी की अनुपलब्धता की स्थिति में अन्य दवाओं के उपयोग का सुझाव दिया गया है. इन दवाओं में टेबलैट पोसाकोनाजोल व आइसोकोनाजोल है, जिनका उपयोग स्टेप डाउन मेडिकेशन के रुप में किया जा सकता है. इन वैक्लपिक दवाओं का उपयोग कितना प्रभावशाली है इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के​ लिए एसएमएस मेडिकल कॉलेज को पत्र लिखकर जानकारी मांग गई है. 

2500 वाईल का क्रयादेश जारी 
आरएमएससीएल के प्रबंध निदेश आलोक रंजन ने बताया कि इस दवा की खरीद के लिए के लिए भारत सीरम कंपनी को 2500 वाईल खरीद का क्रयादेश जारी किया गया है. वहीं, अन्य फर्मों से भी प्रस्ताव प्राप्त किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों जैसे नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका व दुबई से भी दवा के आयात के सबंध में जानकारी जुटाई जा रही है.