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Jaipur News: वरिष्ठ IAS डॉ. समित शर्मा एक्शन में है. सहकारिता सचिव समित शर्मा ने आज संपर्क हेल्पलाइन का निरीक्षण किया, जिसमें 181 कॉल सेंटर पर परिवादी से संवाद किया. महाराजावास GSS के व्यवस्थापक ने अल्पकालीन फसली ऋण की राशि में गडबडी की. स्वीकृत पूरी राशि नहीं दी. परिवादी ने 11000 का भुगतान बकाया बताया, जिसमें बाद में अलवर व्यवस्थापक अभय यादव को सस्पेंड कर दिया. सहकारी अधिनियम की धारा-55 के तहत जांच के आदेश दिए. अप्रैक्स बैंक MD,अलवर केंद्रीय बैंक MD को प्रकरण की जांच कर 7 दिवस में रिपोर्ट मांगी.
सहकारिता विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने सोमवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) का निरीक्षण कर विभाग से संबंधित प्रकरणों एवं शिकायतों की समीक्षा की. उन्होंने हेल्पलाइन के माध्यम से परिवादियों से संवाद कर उनकी शिकायतें सुनीं और तत्काल निस्तारण करवाया. सचिव ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का त्वरित, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए.
समस्याओं का व्यवहारिक समाधान सुनिश्चित किया जाए
डॉ. शर्मा ने कहा कि सहकारिता विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परिवादी को समयबद्ध और तथ्यात्मक जवाब उपलब्ध करवाया जाए. शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिक जवाब देने की बजाय समस्याओं का व्यवहारिक समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि आमजन का सहकारिता तंत्र पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके. उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शिकायत समाधान की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाए.
संवाद के दौरान अलवर जिले से परिवादी ने बताया कि महाराजावास ग्राम सेवा सहकारी समिति के व्यवस्थापक ने उन्हें अल्पकालीन फसली ऋण की स्वीकृत पूरी राशि उपलब्ध नहीं करवाई. उन्होनें बताया कि उनके द्वारा प्रतिवर्ष 40 हजार रूपये कॉपरेटिव बैंक में जमा करवाये हैं, लेकिन इस बार 51 हजार 460 रूपये जमा करवाये गये हैं. जून, 2025 का 11 हजार रूपये का भुगतान उन्हें नहीं दिया गया है.
5 वर्ष से फसली ऋण नहीं दिया जा रहा
इस पर शासन सचिव ने पैक्स व्यवस्थापक और केन्द्रीय सहकारी बैंक, अलवर के प्रबंध निदेशक, सभी को कॉफ्रेन्स हॉल से जोड़ा और एमडी अपेक्स बैंक से तत्काल मामले की पूर्ण जानकारी ली. समिति व्यवस्थापक अभय यादव द्वारा भुगतान नहीं किये जाने तथा शिकायत सही मानने पर पैक्स व्यवस्थापक अभय यादव को निलम्बित करने के निर्देश दिए. साथ ही अलवर के प्रबंध निदेशक राजस्थान सहकारी अधिनियम की धारा-55 के अंतर्गत जांच के आदेश दिये एवं प्रकरण में जांच कर 7 दिवस में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए.
इसी प्रकार, अजमेर जिले के शिकायताकर्ता सुरेन्द्र ने बताया कि उन्हें 5 वर्ष से फसली ऋण नहीं दिया जा रहा है. मामले में शासन सचिव ने शाम तक शिकायत का निस्तारण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए. साथ ही, प्रकरण के निस्तारण में अब तक हुई देरी का कारण भी स्पष्ट करने के लिए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए.
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