प्रशासन गांवों के संग अभियान में 1 लाख से ज्यादा जनमित्र करेंगे लोगों की मदद

2 अक्टूबर महात्मा गांधी जयंती से प्रशासन गांवों के संग अभियान की शुरूआत होगी. अभियान को सफल बनाने के लिए राजस्व विभाग ने जनमित्र बनाने के निर्देश दिए हैं.

प्रशासन गांवों के संग अभियान में 1 लाख से ज्यादा जनमित्र करेंगे लोगों की मदद
फाइल फोटो

Jaipur : 2 अक्टूबर महात्मा गांधी जयंती से प्रशासन गांवों के संग अभियान की शुरूआत होगी. अभियान को सफल बनाने के लिए राजस्व विभाग ने जनमित्र बनाने के निर्देश दिए हैं. अभियान में ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रदेशभर में 1 लाख से ज्यादा जनमित्रों को चिन्हित करने का काम किया जा रहा है. जो सेवाभाव से लोगों की मदद कर सकेंगे.

गहलोत सरकार प्रशासन गांवों के संग अभियान के जरिए गांव के वंचित वर्ग को ज्यादा से ज्यादा लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रही है. इसी को ध्यान में रखकर राजस्व मंत्री हरीश चौधरी (Harish Chaudhary) लगातार संभाग स्तर पर जाकर बैठकें ले रहे हैं और अधिकारियों को अभियान में ज्यादा से ज्यादा कामकाज निपटाने के निर्देश दे रहे हैं. अभियान को लेकर राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने कहा है कि कैंप की सफलता आंकड़ों में प्रदर्शन करना, दिखाना मात्र नहीं है. सफलता इसमें है कि जन सामान्य जो चाहता है वह किया जाए. किसी काम को करने में नियमों की बाधा है तो उसके लिए मार्गदर्शन लिया जाए. अब सरकार ने अभियान में हर वंचित, गरीब वर्ग की मदद के लिए स्वंय सेवक या जनमित्र चिन्हीकरण के निर्देश दिए हैं, जिससे जनमित्र अभियान में गांव के ज्यादा से ज्यादा लोगों तक मदद पहुंचाने में मदद कर सके. इसके लिए प्रत्येक ग्राम में 3 से 5 जनमित्र बनाने के निर्देश दिए गए हैं. इस प्रकार प्रदेशभर में कुल 1 लाख से ज्यादा जनमित्र बनाए जाएंगे जो अभियान में लोगों की मदद करते नजर आएंगे.

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प्रशासन गांवों के संग अभियान 2 अक्टूबर से
17 दिसंबर 2021 तक चलेगा अभियान
प्रत्येक ग्राम पंचायत पर आयोजित किए जाएंगे शिविर
19 विभागों की ओर से अभियान में किए जाएंगे काम
प्रत्येक जिले में प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव कैंपों का निरीक्षण करेंगे
सभी विभाग और शिविर प्रभारियों को कैंप वाले दिन ही कैंप की रिपोर्ट ई-पंचायत पोर्टल पर डालनी होगी
जनप्रतिनिधि भी सक्रिय रूप से शिविरों में भाग लेंगे

जनमित्र कौन बन सकेगा
- कोई भी शिक्षित युवक जो माध्यमिक कक्षा उत्तीर्ण हो
- जो स्वैच्छा से जनसेवा करना चाहता हो
- वो क्षेत्र के पटवारी या नजदीकी सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक को जानकारी देकर जनमित्र बन सकता है
- प्रत्येक जनमित्र को जिला प्रशासन की ओर से व्यक्तिगत ओर सामुदायिक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी
- गांव में पात्र व्यक्तियों और समुदाय तक ऐसी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए उनका सहयोग लिया जाएगा
- प्रशासन गांवों के संग अभियान में इन जनमित्र युवकों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी
- जिला प्रशासन के माध्यम से इस अभियान में शिविर तिथि ओर शिविर में किए जाने वाले कार्यों की जानकारी इन्हें दी जाएगी
- जिससे शिविर से पहले जनमित्र के माध्यम से गांव में सारी जानकारी पहुंचाई जा सकेगी
- अभियान की समाप्ति के बाद पंचायत समिति स्तर पर फॉलोअप शिविर आयोजित होंगे
- इसमें भी जनमित्र अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे
- समय समय पर योजनाओं में बदलाव और नवीन योजनाओं की जानकारी भी इन्हें दी जाएगी
- ऐसे जनमित्रों को सेवा भाव से अपने क्षेत्र के गरीब और वंचित वर्ग के नागरिकों के लिए कार्य करने का अवसर मिलेगा
- उपर्युक्त अवसरों पर जनमित्र को उनके काम का आकलन कर पंचायत समिति, उपखंड स्तर और जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा

अभियान में कामकाज के लिए निर्देश
- सामान्य नागरिक जो भूमिहीन हैं उन्हें भूमि आवंटित की जाए
- गैर खातेदारों को प्राथमिकता से खातेदारी प्रदान की जाए
- ऐसे सरकारी भवन, स्कूल जो राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं और मौके पर बने हुए
- ऐसे भवनों को आवंटन की कार्यवाही कर रिकॉर्ड में दर्ज कराएं

इसके साथ ही अब अभियान को सफल बनाने और जमीनी स्तर पर अधिकारियों को निर्देश देने के लिए मुख्य सचिव निरंजन आर्य भी संभाग के दौरों पर निकल गए हैं। जहां अभियान की तैयारियों की वो समीक्षा करेंगे.