राजस्थान के शहरी क्षेत्रों को बनाया जाएगा हरा-भरा, 21 जून से शुरू होगा सघन वृक्षारोपण अभियान

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के तहत होने वाले वृक्षारोपण कार्यक्रम में गांधी वाटिका की स्थापना की जाएगी.  प्रत्येक वाटिका में कम से कम 450 पेड़ लगाने हेतु पौधारोपण कार्यक्रम किया जाएगा. 

राजस्थान के शहरी क्षेत्रों को बनाया जाएगा हरा-भरा, 21 जून से शुरू होगा सघन वृक्षारोपण अभियान
राजस्थान के शहरी क्षेत्रों को बनाया जाएगा हरा-भरा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Jaipur: राजस्थान में शहरी क्षेत्रों को हरा भरा बनाने के लिए 21 जून से सघन वृक्षारोपण अभियान शुरू किया जाएगा. महात्मा गांधी की150वीं जयंती (Mahatma Gandhi 150th Birth Anniversary) और आजादी की 75वीं वर्षगांठ (75 Year of Independance) के तहत भी वृक्षारोपण अभियान शुरू किया गया है. राज्य सरकार की ओर से सभी जिला कलेक्टर और निकाय आयुक्त अधिशासी अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं. 

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के तहत होने वाले वृक्षारोपण कार्यक्रम में गांधी वाटिका की स्थापना की जाएगी.  प्रत्येक वाटिका में कम से कम 450 पेड़ लगाने हेतु पौधारोपण कार्यक्रम किया जाएगा. क्षेत्र की उपलब्धता के अनुसार, पेड़ों की संख्या बढ़ाई जा सकती है.

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वृक्षारोपण कार्यकम के तहत समस्त नगरीय निकाय क्षेत्रों में प्रत्येक मार्ग के किनारे या सड़को के डिवाईडर के बीच में, खाली भूखंडों एवं सार्वजनिक स्थलों पर चिन्हित वृक्ष कुंज साईटों तथा वृक्षारोपण के लिए उपयुक्त अन्य जगह में वृक्षारोपण किया जाएगा. 

सड़कों के किनारे एक ही प्रजाति के लगाएंगे पौधे
राजस्थान धार्मिक एवं पवित्र वृक्षों के लिए जाना जाता है, जिनमें से अधिकतम वनीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं. ये पेड़ क्षेत्र की जैव विविधता एवं पर्यावरण को अनुकूल बनाए रखते हैं. नगरीय निकाय अपने क्षेत्रों में शहरी सड़कों के किनारे पेड़ों की एक ही प्रजाति के या दो-तीन प्रजातियों के वृक्षारोपण का कार्य करेंगे. इससे समान प्रजाति के वृक्षों जैसे-अमलतास, गुलमोहर, जकरंदा, कचनार, बकेन/ नीम, शीशम व अन्य वृक्ष आदि के वृक्ष कुंज विकसित होंगे.

वृक्षारोपण अभियान इनकी ली जाएगी मदद
जनप्रतिनिधि वृक्षारोपण कार्यकम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. यह महत्वपूर्ण है कि जनप्रतिनिधि स्थानीय लोगो को वृक्षारोपण एवं वृक्ष संरक्षण के लिये प्रोत्साहन एवं मार्गदर्शन प्रदान करें, जिसके लिए जनप्रतिनिधियों की सलाह एवं सहयोग प्राप्त किया जाएं. प्रत्येक वृक्षारोपण कार्यकम स्थल पर व्यापक प्रचार एवं प्रसार किया जाए. प्रभारी मंत्री, सांसद,  विधायक, महापौर/सभापति/अध्यक्ष, पार्षद, अन्य जनप्रतिनिधि/ प्रभावशील/ प्रतिष्ठित लोगों एवं स्थानीय लोगों को वृक्षारोपण समारोह में भाग लेने हेतु आमंत्रित किया जाए. शहरी क्षेत्रों में वृक्ष कुंज एवं शहरी वनीकरण स्थलों की रक्षा के लिए पारम्परिक-पारिस्थितिक का ज्ञान रखने वाले व्यक्तियों एवं जनसमूहों, एनजीओ, गैर सरकारी संगठन, सरकारी संस्थाओं को जागरूक किया जाएं एवं इन्हें वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लेने दें.

ब्यावर में के लिए जागरूकता बढ़ाने का कार्यक्रम करें
पर्यावरण के लिए लोगो में जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्‍न प्रचार प्रसार से संबंधी गतिविधियां जैसे स्कूलों के बच्चों की रैलियां आयोजित करना, पम्पलेट एवं पोस्टर वितरित करना तथा समस्त नगरीय निकायों में प्रश्नोत्तरी के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए. समस्त जिला कलक्टर्स अपने अपने जिलों में सरकारी संस्थानों, आमजन, वनकर्मी, शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, कृषिकर्मी, अन्य सरकारी पदाधिकारियों एवं गैर सरकारी संस्थानों की सकिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे.

वृक्षारोपण और उनकी रक्षा के लिए दिलाई जाएगी शपथ
वृक्षारोपण कार्यकम के आयोजन के दौरान सभी आमंत्रित प्रतिभागी वन एवं पर्यावरण के संरक्षण के लिये शपथ ग्रहण करेंगे. शपथ ग्रहण का प्रारूप इस पत्र के साथ संलग्न है. 

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जन्मदिन वैवाहिक वर्षगांठ से जुड़ेंगे वृक्षारोपण 
इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं आम जनता को जोड़ते हुए, उनके जन्मदिन एवं वैवाहिक वर्षगांठ के अवसर पर एवं अपनों की स्मृति में पौधारोपण करवाया जाएं. प्रत्येक पेड़ को गोद दिया जाकर संबंधित व्यक्ति को भी उसके समुचित रखरखाव एवं विकास की जिम्मेदारी दी जा सकती है, परन्तु समग्र रूप से ज़िम्मेदारी संबंधित निकाय की रहेगी.

वृक्षारोपण कार्यकम के अन्तर्गत लगाए गए प्रत्येक वृक्ष के जीवित रहने के लिए यह सुनिश्चित किया जाए कि वृक्षों के लिए खाद, पानी एवं सुरक्षा की समुचित व्यवस्था हो गई है.