1 लाख पौधों से सुधरेगी पिंक सिटी Jaipur की आबोहवा, हुआ पौधारोपण अभियान का आगाज

आयुक्त पवन अरोड़ा ने बताया कि कोविड-19 के संक्रमण काल को देखते हुए पौधारोपण के लिए टाइम स्लॉट तय किए गए हैं. प्रत्येक स्लॉट में अधिकतम 50 लोग आमंत्रित किये जायेंगे

1 लाख पौधों से सुधरेगी पिंक सिटी Jaipur की आबोहवा, हुआ पौधारोपण अभियान का आगाज
आयुक्त पवन अरोड़ा ने बताया कि कोविड-19 के संक्रमण काल को देखते हुए पौधारोपण के लिए टाइम स्लॉट तय किए गए हैं.

Jaipur: पर्यावरण (Environment) को शुद्ध रखने के लिए पेड़-पौधे जरूरी हैं. ये हमें जीवन के लिए ऑक्सीजन, खाने के लिए फल और गर्मी में छांव देते हैं. धरा को हरा-भरा करने और जीवन को बचाने के लिए सबको पौधारोपण का संकल्प लेने की जरूरत है.

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राजस्थान आवासन मंडल (Rajasthan Housing Board) की ओर से मानसरोवर योजना में विकसित सिटी पार्क में आमजन के सहयोग से पौधारोपण अभियान की शुरूआत की गई. पार्क में एक लाख देश-विदेश के यूनिक टॉपीयेरी टाइप के सजावटी पौधों के साथ विभिन्न किस्मों के फलदार-फूलदार और सजावटी पेड-पौधे लगाकर शहर की आबोहवा बदली जाएगी.

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पेड़ पौधे इंसान के लिए उतने ही ज़रूरी हैं जितने हवा और पानी लेकिन इंसानी बस्तियां इन्हें काटकर ही बसाई जाती हैं. इंसान इसकी भारी क़ीमत चुका भी रहा है. हाल ही में ऑक्सीजन की किल्लत का दंश भी देश झेल चुका है लेकिन अब इंसान को अपनी ग़लती का एहसास हो गया है. नए पेड़ पौधे लगाकर वो अब क़ुदरत का क़र्ज़ उतार रहा है. साथ ही शहरों का प्रदूषण कम करने का प्रयास भी किया जा रहा है. दिल्ली हो, लंदन हो या पेरिस, दुनिया के तमाम शहरों में हरियाली बढ़ाने पर ज़ोर दिया जा रहा है. 

पिंक सिटी में छाएगी हरियाली
इसी मुहिम में पिंकसिटी भी अछूती नही है. पिंकसिटी की धरा पर हरियाली छाए और जीवन में खुशहाली आये इसी तर्ज पर राजस्थान आवासन मंडल की मानसरोवर योजना में विकसित सिटी पार्क में आमजन के सहयोग से पौधारोपण अभियान का आगाज किया. आयुक्त पवन अरोड़ा (Pawan Arora) ने पौधरोपण कर इस अभियान की शुरूआत की. अरोड़ा ने बताया कि पार्क में एक लाख देश-विदेश के यूनिक टॉपीयेरी टाइप के सजावटी पौधों के साथ विभिन्न किस्मों के फलदार-फूलदार और सजावटी पेड-पौधे लगाए जाएंगे. वहीं, सिटी पार्क के एक हिस्से में ऑक्सी हब बनाया जाएगा. इस हब में नीम, मीठा नीम, बांस, पीपल, अर्जुन, सीता अशोक, बेल, जामुन जैसे अधिक ऑक्सीजन उत्सर्जन करने वाले पौधों के  साथ सघन वृक्षारोपण किया जाएगा.

आवासन मंडल द्वारा ‘आरएचबी ग्रीन‘ एप लॉन्च किया गया
कोरोना के मद्देनजर सोशल डिस्टेंसिंग की पालना के लिए आवासन मंडल द्वारा ‘आरएचबी ग्रीन‘ एप लॉंन्च किया गया है. पौधारोपण के इच्छुक लोग अपना रजिस्ट्रेशन इस ‘एप’ पर मोबाईल के माध्यम से कर सकते हैं और अपने इच्छा अनुसार इच्छित टाइम स्लॉट में आकर पौधारोपण कर सकते हैं. यहां केवल पंजीयन करने वाले लोग ही पौधारोपण कर सकते हैं. 

बड़ी संख्या में किया जाएगा पौधारोपण
आयुक्त पवन अरोड़ा ने बताया कि कोविड-19 के संक्रमण काल को देखते हुए पौधारोपण के लिए टाइम स्लॉट तय किए गए हैं. प्रत्येक स्लॉट में अधिकतम 50 लोग आमंत्रित किये जायेंगे. साथ मे पौधारोपण करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अच्छी किस्म का फलदार पौधे और आदान किट (खाद, खुरपी, दवाई आदि) निःशुल्क दिया जाएगा. आयुक्त ने बताया कि इस मानसून में सिटी पार्क सहित राजस्थान आवासन मंडल की आवासीय योजनाओं, पार्कों, सड़क किनारे, खाली पड़ी चिन्हित भूमि और विभिन्न निर्माणाधीन प्रोजेक्टों में 1 लाख पेड़-पौधे लगाए जाएंगे. मंडल के इतिहास मे पहली बार इतनी बडी संख्या में पौधारोपण किया जायेगा.

इस किस्म के लगेंगे पौधे
देश-विदेश के यूनिक टॉपीयेरी टाइप के सजावटी पौधों के साथ नीम, अर्जुन, पीपल, मीठा नीम, सीता अशोक, बांस, ईमली, टीक, कुसुम, सिल्वर ऑक, खजुर, रॉयल पाम, बालमखीरा, लाल-नीली, कदम, अमलतास, स्टार फ्रुट, गुलमोहर, शीशम, मोलसरी, बॉटल ब्रश, टर्मेनिलिया मेटालिका, पलास, टबेबुया, कनक चम्पा, चम्पा और फलदार पौधे लगाए जाएंगे.

बहरहाल, वृक्ष ही जीवन की धुरी है. अगर वृक्ष न होंगे तो पर्यावरण भी असंतुलित होगा. हमें न शुद्ध हवा मिलेगी और न छाया. इन्हें बनाए रखने के लिए पौधारोपण जरूरी है. तब ही स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा और राज्य में हरियाली आएगी.