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Jaipur News: जल जीवन मिशन घोटाले में ACB की री-एंट्री हो गई है. एंटी करप्शन ब्यूरो करोड़ों के टैंडर की जांच करेगी. गणपति और श्री श्याम ट्यूबवेल फर्मों को पिछली सरकार में फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए टैंडर दिए. इस पूरे मामले में ईडी अब तक 5 गिरफ्तारियां कर चुकी है. आखिरकार कहां-कहां के कितने टैडरों के जांच एसीबी करेगी.
3 रीजन, 101 टैंडर और 700 करोड़
जल जीवन मिशन घोटाले में ED की एंट्री के बाद अब एसीबी की फिर से एंट्री हो गई. गणपति और श्री श्याम ट्यूबवेल फर्म के करीब 700 करोड़ के 101 टैंडरों की जांच ACB करेगी. एसीबी ने PHED के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा को खत लिखकर टैंडर से संबंधित दस्तावेजों की रिपोर्ट मांगी है.
2021 से 2023 के बीच दोनों फर्मों को मिले टैंडरों की एसीबी जांच करेगी. दोनों फर्मों जयपुर रीजन 1, जयपुर रीजन 2, अलवर रीजन में फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए टैंडर हासिल किए थे. अब एसीबी इन टैंडर की सूचना पीएचईडी से मांगी है.
एसीबी ने दोनों फर्मों के साथ टैंडर में भाग लेने वाली दूसरी फर्मों, शिकायतों को लेकर विस्तृत जानकारी मांगी. वहीं, निविदा आमंत्रित करने वाले दफ्तर,निविदा की विशेष शर्तें, बिड इवेल्यूवेशन में अधिकारियों के नाम, कमेटी, तकनीकी-वित्तीय बिड किसकी उपस्थिति में खोली, टैंडर किस सक्षम स्तर से अनुमोदित हुआ. कितना पैमेंट फर्मों को किया गया.
इन रीजन में टैंडरों की जांच करेगी ACB
| रीजन | टैंडरों की संख्या | टैंडरों की राशि |
| जयपुर 1 | 15 | 163 करोड़ |
| जयपुर 2 | 29 | 370 करोड़ |
| अलवर | 8 | 155 करोड़ |
| जयपुर वृत्त | 49 | 36 करोड़ |
अब तक 5 गिरफ्तारियां हो चुकी
गणपति और श्री श्याम ट्यूबवेल फर्म ने इरकॉन कंपनी के नाम पर फर्जी प्रमाण पत्र बना थे, जिसके जरिए जल जीवन मिशन में करोड़ों के टैंडर हासिल किए. इस पूरे मामले में ईडी ने 3 दर्जन ठिकानों पर छापे मारे थे, जिसमें जलदाय विभाग के इंजीनियर भी शामिल थे.
इस पूरे मामले में ईडी की जांच लगातार जारी है.ईडी ने पूर्व मंत्री महेश जोशी, ठेकेदार पदमचंद जैन, महेश मित्तल, पीयूष जैन और संजय बडाया को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन अब एसीबी की जांच में कई और खुलासे हो सकते है.