Jaipur News: राजस्थान में महारानी कॉलेज परिसर में मजार निर्माण पर विवाद तेज हो गया है. 100 साल पुरानी मजार को लेकर कुछ ही देर में कलेक्ट्रेट पहुंच कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा. मजार के परिजन और विधायक किशनपोल कलेक्टर से मिलकर ज्ञापन देंगे.
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Jaipur News: राजस्थान यूनिवर्सिटी के महारानी कॉलेज परिसर में मजार निर्माण पर विवाद गरमा गया है. जयपुर में धार्मिक संगठनों ने शैक्षणिक भूमि पर नियमों के विपरीत अतिक्रमण कर मजार निर्माण करने को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. मजार नहीं हटने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी तो अब मजार के परिजन और विधायक किशनपोल कलेक्टर से मिलकर ज्ञापन देंगे.
100 साल पुरानी मजार होने को लेकर कुछ ही देर में कलेक्ट्रेट पहुंच कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा. इसको लेकर परकोटा संरक्षण समिति के अध्यक्ष भारत शर्मा ने ‘लैंड जिहाद’ का आरोप लगाया.
क्या अवैध अतिक्रमण?
80 साल पुराने इस कॉलेज में मजार का मामला सामने आने के बाद विवाद गरमा गया है. महारानी कॉलेज कैंपस में पानी की टंकी और पंप हाउस के पास मजार का निर्माण करवाया गया है. धरोहर बचाओ संरक्षण समिति के अध्यक्ष भारत शर्मा ने कहा- कॉलेज कैंपस में शैक्षणिक और सरकारी जमीन पर नियमों के विपरीत अवैध अतिक्रमण कर तीन मजार का निर्माण किया गया है. यह लैंड जिहाद है, जिसकी आड़ में महारानी कॉलेज में लव जिहाद का बीज बोने का षडयंत्र रचा जा रहा है. जिस कॉलेज में पुरुषों की एंट्री ही नहीं हो सकती है, वहां अचानक तीन मजार का निर्माण कैसे हो गया है? यह पूरा मामला महारानी कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है, जो हमारे भविष्य और बेटियों की सुरक्षा के लिए घातक साबित हो सकता है. इन हालातों में कॉलेज कैंपस एक समुदाय विशेष का धार्मिक अड्डा बनकर रह जाएगा, जहां धीरे-धीरे धार्मिक आयोजन होने लगेंगे, भीड़ आएगी. इसके बाद धीरे-धीरे इस सरकारी जमीन को भी वक्फ की बताकर हड़पा जाएगा.
आंदोलन की चेतावनी
भारत शर्मा ने कहा- जब कॉलेज बना था, तब यहां किसी तरह की कोई मजार नहीं थी. ऐसे में अचानक इस निर्माण और कॉलेज प्रशाशन की इस लापरवाही को हम किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे. मामले को लेकर राजस्थान यूनिवर्सिटी की कुलगुरु, जयपुर पुलिस कमिश्नर और जयपुर कलेक्टर से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे. अवैध मजार को हटाने की मांग करेंगे. अगर प्रशासन ने समय रहते हमारी मांग को पूरा नहीं किया तो जयपुर की जनता के साथ मिलकर बालिकाओं की सुरक्षा के लिए आंदोलन करेंगे.
मजार 2012 से पहले बनी थी- प्रिंसिपल
महारानी कॉलेज की प्रिंसिपल प्रोफेसर पायल लोढ़ा ने कहा- यह मजार मेरी ज्वाइनिंग से काफी पहले की है. मुझे इसके निर्माण को लेकर किसी तरह की जानकारी नहीं है.बताया जा रहा है कि 2012 से पहले ये मजार बनी. उन्होंने कहा कि फिलहाल एडमिशन की प्रक्रिया जारी है. जिसकी वजह से गर्ल्स के फीमेल के साथ मेल रिलेटिव भी कैंपस में आ रहे है. लेकिन मजार को लेकर फिलहाल किसी तरह के विवाद या आपत्ति की स्थिति नहीं है. जब ZEE मीडिया ने उनसे सवाल पूछा कि कैंपस में मजार बन सकती है क्या, तो उन्होंने कहा कि पूरा मामला हॉयर आॅथोरिटी को बताया जा रहा है.अभी मामला संज्ञान में आया है.
कॉलेज कैंपस में चार गर्ल्स हॉस्टल भी
जयपुर का महारानी कॉलेज राजस्थान यूनिवर्सिटी का संगठन कॉलेज है. जहां 6000 से ज्यादा सीटों पर गर्ल्स का एडमिशन होता है. इसके साथ ही कॉलेज कैंपस में चार गर्ल्स हॉस्टल भी है. जहां लगभग 500 गर्ल्स रहती है. बीते दिनों महारानी कॉलेज के बाहर गर्ल्स के साथ अभद्रता की शिकायत भी सामने आई थी, जिसके बाद अशोक नगर थाने में मामला भी दर्ज हुआ था. हालांकि सवाल ये है ये मजार कब बनाई, किसने बनाई, कैसे बनाई?