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Jaipur News: राजस्थान के जयपुर के नंदपुरी क्षेत्र में सड़क सीमा से धार्मिक स्थलों और अन्य अतिक्रमणों को हटाने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने व्यापक तैयारियां की थीं.
कार्रवाई के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष रूप से 'लोखंडा' मशीन भी मंगवाई गई थी. बताया जा रहा है कि यह नॉर्थ इंडिया की एकमात्र लोखंडा मशीन है, जिसे विशेष तौर पर इस अभियान के लिए जयपुर बुलाया गया था.
हालांकि मौके पर मौजूद छोटी ध्वस्तीकरण मशीनों से ही निर्माण हटाने का काम पूरा हो गया, जिसके चलते लोखंडा मशीन का उपयोग करने की आवश्यकता नहीं पड़ी. जानकारी के अनुसार, भारी-भरकम लोहे के ढांचों, स्टील स्ट्रक्चर और मजबूत अतिक्रमणों को ध्वस्त करने के लिए यह मशीन बैकअप के तौर पर तैयार रखी गई थी. हाल ही में दिल्ली में एक होटल के अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई में भी इसी मशीन का इस्तेमाल किया गया था.
क्या होती है लोखंडा मशीन?
लोखंडा मशीन एक भारी ध्वस्तीकरण उपकरण है, जिसका उपयोग अवैध निर्माण, लोहे के ढांचे, शटर, गेट, बाउंड्रीवाल, सीढ़ियां और अन्य मजबूत संरचनाओं को तोड़ने या काटने के लिए किया जाता है. मशीन का भारी लोहे का हिस्सा निर्माण पर प्रहार कर उसे कमजोर करता है, जिससे बाद में मलबा हटाने का काम आसान हो जाता है.
अतिक्रमण हटाने में क्यों होती है अहम?
विशेषज्ञों के अनुसार, कई बार केवल जेसीबी या बुलडोजर से अतिक्रमण हटाना संभव नहीं होता. ऐसे में लोखंडा मशीन का उपयोग कर पहले दीवारों, शेड और स्टील संरचनाओं को कमजोर किया जाता है. ये मशीन बड़ी आसानी के साथ बिना वाइब्रेशन के साथ काम करती है.
तंग गलियों और संवेदनशील क्षेत्रों में भी यह मशीन काफी उपयोगी मानी जाती है, जहां बड़े वाहन आसानी से नहीं पहुंच पाते हैं. नंदपुरी अभियान के दौरान प्रशासन ने किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए इस मशीन को तैयार रखा था, लेकिन कार्रवाई शांतिपूर्ण और योजनाबद्ध तरीके से पूरी होने के कारण इसका इस्तेमाल नहीं करना पड़ा.
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