तेंदुए को पकड़ने के लिए 60 घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन, वन विभाग की टीम ने 3 दिन बाद किया रेस्क्यू

Leopard Rescue: जयपुर के बीचो बीच रिहायशी इलाके में भारी बारिश के बीच 3 दिन पहले तेंदुआ घुस आया. लेकिन 3 दिन बाद वन विभाग की टीम को काफी मशक्कत के बाद कामयाबी मिली.

तेंदुए को पकड़ने के लिए 60 घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन, वन विभाग की टीम ने 3 दिन बाद किया रेस्क्यू
Image Credit: Leopard Rescue

Leopard Rescue: राजस्थान के जयपुर में रिहायशी इलाके में घुसे तेंदुए को वन विभाग की टीम ने 3 दिन बाद रेस्क्यू किया. भारी बारिश के बीच 60 घंटे चले सर्च ऑपरेशन में वन विभाग की टीम को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन बारिश के बीच वन विभाग के अफसर डटे रहे. आखिरकार आज सुबह रेस्क्यू टीम को सफलता मिली.

जयपुर के बीचो बीच रिहायशी इलाके में भारी बारिश के बीच 3 दिन पहले तेंदुआ घुस आया. लेकिन 3 दिन बाद वन विभाग की टीम को काफी मशक्कत के बाद कामयाबी मिली. गोपालपुरा के हिम्मतनगर स्थित एक फैक्टरी में गुरुवार को घुसे तेंदुए को आखिरकार रविवार सुबह करीब 5 बजे ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू किया गया. तीन दिनों से वन विभाग की टीम लगातार उसके मूवमेंट पर नजर बनाए हुए थी.

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21 अगस्त को शाम करीब पांच बजे वन विभाग को लेपर्ड के इस क्षेत्र में मूवमेंट की सूचना मिली थी. उसके बाद इसे ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू किए जाने का कार्य शुरू किया गया था. 21 अगस्त शाम 5 बजे हिम्मत नगर में तेंदुए के मूवमेंट की सूचना मिली. जिसके बाद से सर्च ऑपरेशन चलाया. 22 अगस्त रात भर चले ऑपरेशन को दूसरी टीम गठित कर सुबह से फिर रेस्क्यू जारी रखा.

23 अगस्त को पगमार्क दिखाई देने के बाद विभाग को लगा कि शायद तेंदुआ खुद ही झालाना के जंगलों में चला गया होगा, लकिन देर रात 2 बजे mnit कैंपस में लेपर्ड का मूवमेंट दिखाई दिया. जिसके बाद ऑपरेशन जारी रखा. 24 अगस्त को रात भर चले ऑपरेशन के बीच सुबह 5 बजे गोशाला में तेंदुआ दिखाई दिया. जिसके बाद तेंदुए का रेस्क्यू किया गया.

60 घंटे तक चले सफल रेस्क्यू में 12-12 घंटे के लिए दो टीमों का गठन किया गया था, जिसमें ACF देवेन्द्र सिंह राठौड़, रेंजर जितेन्द्र सिंह शेखावत, डॉक्टर अशोक तंवर, डॉक्टर अरविंद माथुर, झालाना नाका प्रभारी किशन कुमार मीणा, राजकिशोर योगी और वन विभाग का पूरा स्टाफ का ऑपरेशन सफल रहा.

शनिवार सुबह से क्षेत्र में तेज बारिश हो रही थी, लेकिन ACF देवेन्द्र सिंह राठौड़ और रेंजर जितेन्द्र सिंह शेखावत के नेतृत्व में वन विभाग की टीम लगातार मौके पर डटी रही. टीम ने हर पगमार्क और मूवमेंट पर सतर्कता बनाए रखी. टीम की त्वरित कार्रवाई से किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई और लेपर्ड को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया.

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Aman Singh

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अमन सिंह को डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव है और वर्तमान में ज़ी राजस्थान के साथ जुड़े हुए हैं. वे राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर पैनी नजर रखते हैं और उसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अच्छे तरीके से प्रस्तुत करने में सक्षम हैं. करीब 3 साल के डिजिटल मीडिया अनुभव के साथ अमन ने न्यूज़ प्रोडक्शन, कंटेंट क्रिएशन और स्टोरीटेलिंग में अपनी मजबूत पहचान बनाई है. जून 2023 से ज़ी राजस्थान के साथ कार्यरत अमन लगातार अपनी क्रिएटिविटी और प्रोफेशनल स्किल्स के जरिए पाठकों तक तेज, सटीक और भरोसेमंद खबरें पहुंचा रहे हैं. वे उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के रहने वाले हैं, अमन ने जौनपुर से ही अपनी इंटरमीडिएट तक की शिक्षा पूरी की. इसके बाद उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया. डिजिटल पत्रकारिता में गहरी समझ, तेज खबर पकड़ने की क्षमता के कारण अमन सिंह एक उभरते हुए और भरोसेमंद मीडिया प्रोफेशनल के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं.