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Jaipur News: वो दोस्ती ही क्या जो हर मोड़ पर साथ न आए... दोस्ती वो रिश्ता है जो न खून का होता है, न मजबूरी का, सिर्फ एहसासों का होता है. और इन्हीं एहसासों को लेकर जयपुर के बाजारों से लेकर कॉलेज और चाय की टपरी तक, हर कोई आज अपनी यारी के रंग में रंगा दिख रहा है. आइए दिखाते हैं आपको फ्रेंडशिप डे का ये खास रंग.
रिश्तों की भीड़ में एक रिश्ता ऐसा होता है, जो बिना किसी लालच के जुड़ता है, बिना कहे बहुत कुछ कह जाता है. और जब बात दोस्ती की हो, तो दिल खुद ही मुस्कुरा उठता है. जयपुर के बाजारों में आज कुछ ऐसा ही माहौल देखने को मिला… जहां फ्रेंडशिप बैंड्स, गिफ्ट्स और स्माइली कुशन खरीदते युवा… सिर्फ दोस्त के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए शॉपिंग करते दिखे.
Zee Rajasthan की टीम ने बाजार का हाल जाना… दुकानदारों से भी बात की, जिन्होंने बताया कि फ्रेंडशिप डे पर कुछ खास माहौल बन जाता है.हालांकि दुकानदारों का कहना है कि इस बार भीड़ तो है, लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग ने काफी असर डाला है , कई ग्राहक अब गिफ्ट ऑनलाइन ऑर्डर कर रहे हैं, जिससे बाजार का क्रेज थोड़ा कम हुआ है.
चाय की टपरी, ऑफिस के कोने और कॉलेज के गलियारे , हर जगह दोस्ती के रंग दिखाई देते है.... खासकर फ्रेंडशिप डे का क्रेज छोटे बच्चों में नजर आता है ... खासकर तब जब वो अपने पेरेंट्स को फ्रेंडशिप बैंड्स लाने के लिए परेशान करते है. कुछ दोस्त कॉलेज के दिनों से साथ हैं, कुछ बचपन से, कुछ नए मिले लेकिन दिल से जुड़ गए. कहते हैं, खून के रिश्ते भगवान बनाते हैं, लेकिन दोस्ती के रिश्ते हम खुद चुनते हैं — और यही उन्हें सबसे खास बनाता है.