
Rajasthan News: राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों और अन्य मांगों को लेकर जारी विवाद गहराता जा रहा है. भजनलाल सरकार ने बजट से पहले कर्मचारियों से चर्चा कर उनकी नाराजगी दूर करने की कोशिश की, लेकिन खेमराज कमेटी की रिपोर्ट ने इस असंतोष को और भड़का दिया है. कर्मचारियों ने इस रिपोर्ट को छलावा करार देते हुए आज अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के बैनर तले गवर्नमेंट प्रेस महासंघ कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और रिपोर्ट की प्रतियां जलाईं.
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि खेमराज कमेटी की रिपोर्ट में कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है. रिपोर्ट जारी करने के बावजूद सरकार ने वेतन विसंगतियों और कर्मचारियों के अधिकारों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है.
राठौड़ ने आरोप लगाया कि सावंत और खेमराज कमेटी पर सरकार ने जनता का करोड़ों रुपया खर्च कर दिया, लेकिन इसका कोई ठोस नतीजा नहीं निकला. सरकार ने वार्ता के नाम पर विभिन्न जिलों से कर्मचारियों को बुलाया, जयपुर में ठहराया और बैठकों का आयोजन किया, लेकिन अंत में उन्हें निराशा ही हाथ लगी.
गजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि सरकार के इस रवैये के खिलाफ कर्मचारी अब सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं. आगामी 7 और 8 फरवरी को प्रदेशभर के सरकारी विभागों में सभाएं आयोजित कर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी. यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन होगा.
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Reported By- सचिन शर्मा