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Jaipur News: जलदाय विभाग के सबसे बड़े ट्यूबवेल घोटाले में अब इंजीनियर्स पर गाज गिरेगी. जालोर में हुए 150 करोड़ के ट्यूबवेल भ्रष्टाचार में पीएचईडी इंजीनियर्स को चार्जशीट थमाने की तैयारी कर रहा है. जिम्मेदारों ने बिना टेंडर और फाइनेंस स्वीकृति के ही फर्मों का टेंडर बढ़ाते रहे, करोड़ों का पेमेंट होता रहा,आखिर जालौर का ट्यूबवेल घोटाले में सरकार क्या एक्शन लेगी, पढ़ें इस खास रिपोर्ट में!
बिना सरकारी की इजाजत के ट्यूबेवल टेंडर दिया
राजस्थान में अमृत 2.0 की गडबडी के बाद एक बार फिर जल जीवन मिशन में ट्यूबवेल घोटाला सामने आया है. जालौर का ये घोटाला 5,10,50 करोड़ का नहीं, बल्कि पूरे 150 करोड़ का घपला उजागर हुआ है. पीएचईडी इंजीनियर्स ने करीब 7 साल पहले जालोर सर्किल में ईएससीओ मॉडल पर 20 ट्यूबवेलों के संचालन, रखरखाव के लिए MM कंस्ट्रक्शन, राज एंटरप्राइजेज फर्म को टेंडर दिया. इन दोनों फर्म का ठेका 20 से बढ़ाकर 112 ट्यूबवेल के संचालन, रखरखाव के कार्यादेश जारी कर दिए. इसके बाद ट्यूबवेल की संख्या बढ़ाकर 981 तक कर दी गई. इसके लिए ना तो सरकार के स्तर से इजाजत ली, ना टेंडर प्रक्रिया को पूरा किया. अब सरकार पूरे मामले में कार्रवाई करेगी. हाल ही में पीएचईडी में अमृत 2.0 में मैसर्स कैलाश चंद चौधरी का फर्जी प्रमाण पत्र पकड़ा था, उसमें भी जल्द कार्रवाई की जा सकती है.
6 इंजीनियर्स को मिल चुका नोटिस-
150 करोड के सबसे बड़े ट्यूबवेल घोटाले आरोपी इंजीनियर्स को जल्द थमाई जाएगी चार्जशीट. विभाग ने इस संबंध में तत्कालीन एक्सईएन उमेश कुमार मीना, श्याम बिहारी बैरवा, जितेंद्र त्रिवेदी, हेमंत कुमार बैरवा, आशीष द्विवेदी (रि.) हेमंत कुमार वैष्णव को नोटिस थमाया जा चुका है. पीएचईडी जालोर सर्किल ने ट्यूबवेलों के संचालन और रखरखाव को एनर्जी सर्विस कंपनी मॉडल पर देना तय किया था. 12 अगस्त 2022 को जालोर की ठेका फर्म एमएम कंस्ट्रक्शन, एमएस राज एंटरप्राइजेज को कार्यादेश जारी किए गए. इसमें पीएचईडी सर्किल जालोर के एसई ने टेंडर प्रक्रिया से लेकर कार्यादेश जारी करने में घोर अनियमितताएं कीं. टेंडर जारी करते समय वित्त कमेटी की अनुमति के बिना ही टेंडर जारी कर दिए. 20 ट्यूबवेल का ठेका जालोर की एक ही फर्म को दिया गया. इसके बाद वर्कऑर्डर में ट्यूबवेल की संख्या मनमर्जी से बढ़ती गई. संख्या बढ़कर पहले 112 हुई और बाद में बढ़ते-बढ़ते 981 ट्यूबवेल तक पहुंच गई.
फर्मे हो सकती है ब्लैक लिस्टेड
इस घोटाले में पूरे सिस्टम की ही मिलीभगत सामने आई लेकिन अब जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी के निर्देश के बाद अब विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा. जल्द ही आरोपी इंजीनियर्स को चार्जशीट थमाकर निलंबन की कार्रवाई करेगा. वहीं, दोनों जिम्मेदार फर्में MM कंस्ट्रक्शन, राज एंटरप्राइजेज को सरकार ब्लैक लिस्ट कर सकती है.
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