Jaipur News: राजस्थान में 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे पात्र नागरिकों को भारत निर्वाचन आयोग की ‘नो वोटर लेफ्ट बिहाइंड’ पहल के तहत मतदाता के रूप में पंजीकृत करने के लिए निर्वाचन विभाग द्वारा सतत प्रयास किए जा रहे हैं. दिव्यांग मतदाताओं के लिए मतदान केंद्रों पर व्हीलचेयर, रैम्प, ऑडियो-विजुअल गाइडेंस जैसी सुविधाएँ सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे वे बिना किसी बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें.
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Jaipur News: भारत निर्वाचन आयोग की ‘नो वोटर लेफ्ट बिहाइंड’ पहल के तहत राजस्थान में 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे पात्र नागरिकों को मतदाता के रूप में पंजीकृत करने के लिए निर्वाचन विभाग द्वारा सतत प्रयास किए जा रहे हैं. इसी क्रम में सचिवालय में स्टेट स्टीयरिंग कमिटी ऑन एक्सेसिबल इलेक्शन की बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने की.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी महाजन ने कहा कि राज्य निर्वाचन विभाग सभी नागरिकों, विशेषकर दिव्यांग मतदाताओं के लिए मतदान प्रक्रिया को अधिक सुगम, समावेशी और सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि दिव्यांग मतदाताओं के लिए मतदान केंद्रों पर व्हीलचेयर, रैम्प, ऑडियो-विजुअल गाइडेंस जैसी सुविधाएँ सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे वे बिना किसी बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें.
महाजन ने कॉलेजों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब्स की सक्रिय भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि नवमतदाताओं को जागरूक करने और उन्हें मतदाता सूची में जोड़ने हेतु इन क्लब्स को सशक्त किया जाएगा. उन्होंने विभिन्न विभागों चिकित्सा, सामाजिक न्याय, उच्च शिक्षा आदि को निर्देशित किया कि वे अपनी-अपनी वेबसाइट्स पर वोटर रजिस्ट्रेशन पोर्टल का लिंक अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें. इसके साथ ही, विभागीय नागरिक सेवाओं में प्रयुक्त आवेदन प्रपत्रों में मतदाता पंजीकरण से जुड़ा एक अतिरिक्त विकल्प शामिल करने को कहा गया है, जिससे पात्र नागरिकों की जानकारी प्राप्त कर उन्हें पंजीकृत किया जा सके.
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य, जिला एवं कॉलेज स्तर पर दिव्यांग आइकन्स को ब्रांड एम्बेसडर के रूप में नामित किया जाएगा, जिससे दिव्यांगजनों के बीच मतदान के प्रति जागरूकता और सहभागिता को प्रोत्साहन मिलेगा. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सुझाव दिया कि युवाओं और प्रसिद्ध व्यक्तित्वों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से मतदाता जागरूकता अभियान से जोड़ा जाए और उनसे आग्रह किया जाए कि वे मतदान के महत्व को जन-जन तक पहुंचाएं..बैठक में निर्वाचन विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न संबंधित विभागों, एनजीओ तथा हितधारकों की सक्रिय सहभागिता रही.