Jaipur: Lockdown में संकट में झींगा मछली का पालन, व्यवसायियों ने लगाई मदद की गुहार

हनुमानगढ़, चूरू और नागौर (Nagaur) जिले में बड़े पैमाने पर हो रहे मछली पालन और झींगा मछली पालन की वजह से यहां हजारों लोगों को रोजगार मिल रहा है. 

Jaipur: Lockdown में संकट में झींगा मछली का पालन, व्यवसायियों ने लगाई मदद की गुहार
राजस्थान के चूरू, हनुमानगढ़ और नागौर में हजारों की तादाद में मछली पालन के लिए डैम बनाए गए हैं.

Jaipur: राजस्थान (Rajasthan) में कल से शुरू होने वाले लॉकडाउन (Lockdown) को लेकर कई तरह की परेशानियां सामने आने लगी हैं. खासतौर पर राजस्थान में चूरू (Churu), हनुमानगढ़ (Hanumangarh) और नागौर जिले के झींगा मछली पालन व्यवसायियों के लिए लॉकडाउन परेशानी का सबब बनता जा रहा है. 

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राजस्थान के चूरू, हनुमानगढ़ और नागौर में हजारों की तादाद में मछली पालन के लिए डैम बनाए गए हैं. खासतौर पर झींगा मछली का पालन बड़े पैमाने पर हो रहा है लेकिन लॉक डाउन में निजी ट्रांसपोर्ट पर पूरी तरीके से रोक लगने की वजह से इन व्यवसायियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. 

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चूरू जिले के ऐसे ही मछली पालन करने वाले आनंद सिंह जोड़ी ने बताया कि झींगा मछली पालन एक कठिन कार्य है. झींगा मछलियों के लिए दवाइयां अन्य राज्यों से लानी पड़ती हैं. डैम का पानी टेस्टिंग करवाने के लिए भी अन्य राज्यों में जाना पड़ता है लेकिन लॉकडाउन में इस संबंध में कोई छूट नहीं होने की वजह से बड़े पैमाने पर मछली पालन कर्ता और झींगा मछली पालन करने वाले हजारों किसानों का करोड़ों रुपये का नुकसान हो जाएगा. 

सीएम और कृषि मंत्री से की यह मांग
आनंद सिंह ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और कृषि मंत्री लालचंद कटारिया (Lalchand Kataria) से मांग की कि पिछली बार केंद्र सरकार ने लॉकडाउन में मछली पालन कर्ताओं के लिए विशेष छूट दी थी इस बार तमिलनाडु सरकार ने भी लॉकडाउन में राहत दी है, ऐसे में राज्य सरकार को भी इस व्यवसाय को बचाए रखने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए. 

हनुमानगढ़, चूरू और नागौर (Nagaur) जिले में बड़े पैमाने पर हो रहे मछली पालन और झींगा मछली पालन की वजह से यहां हजारों लोगों को रोजगार मिल रहा है. सरकार को राजस्व मिल रहा है. लॉकडाउन की वजह से यह व्यवसाय पूरी तरीके से खत्म हो सकता है.