&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Jaipur News: राजस्थान हाईकोर्ट ने सांगानेर के आसपास आवासन मंडल की ओर से अवाप्तशुदा जमीनों पर बसी कॉलोनियों के नियमन को लेकर यूडीएच की ओर से गत 12 मार्च को जारी आदेश की क्रियान्विति पर रोक लगा दी है. जस्टिस एसपी शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने यह आदेश पब्लिक अगेंस्ट करप्शन की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए.
याचिका में अधिवक्ता पीसी भंडारी और अधिवक्ता टीएन शर्मा ने आवासन मंडल की ओर से बी टू बाईपास से सांगानेर के बीच की कई बीघा जमीन को अवाप्त कर कब्जाधारियों को अवार्ड जारी किए थे, लेकिन इन जमीनों का कब्जा नहीं लिया गया था. इस दौरान प्रभावशाली लोगों ने इस जमीन पर कब्जा कर लिया और करीब 86 कॉलोनियां काटकर सोसाटियों के पट्टे जारी कर दिए.
याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार के अधिकारियों ने भू माफियाओं से मिलीभगत कर आवासन मंडल के स्वामित्व की इस जमीन का कब्जा धारियों के पक्ष में नियमन करने का निर्णय ले लिया. वहीं नगरीय विकास विभाग ने गत 12 मार्च को इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया.
याचिका में गुहार की गई है कि आवासन मंडल की जमीन का अतिक्रमियों के पक्ष में नियमन होने से रोका जाए और मौके पर हुए अतिक्रमणों को भी हटाया जाए. वहीं राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता मनोज कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि इस भूमि पर तीन दशक से अधिक की अवधि से लोग रह रहे हैं.
जमीन की अवाप्ति का मूल उद्देश्य अब पूरा होना भी संभव नहीं है. ऐसे में यहां बसी कॉलोनियों के निवासियों को सुविधाएं देने के लिए इसका नियमन करने का निर्णय लिया है. इसके साथ ही एएजी ने याचिका का जवाब पेश करने के लिए समय मांगा. इस पर अदालत ने मामले में यूडीएच की ओर से जारी गत 12 मार्च के आदेश पर रोक लगा दी है.
राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan Newsऔर पाएं Jaipur Newsकी हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!